पटना कचरे के ढेर में तब्दील, तीसरे दिन भी सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी, FIR और पुलिस पहरे में शुरू हुआ उठाव

Patna news: पटना नगर निगम समेत बिहार के विभिन्न नगर निकायों के सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज यानी शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही।...

Patna Garbage Crisis Deepens as Civic Workers Strike Enters
पटना कचरे के ढेर में तब्दील- फोटो : social Media

Patna news: पटना नगर निगम समेत बिहार के विभिन्न नगर निकायों के सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल  आज यानी शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर राजधानी पटना में देखने को मिल रहा है, जहां सड़कों, गलियों और मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं। जगह-जगह फैली गंदगी और उठती बदबू से आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बीते दो दिनों से न तो नियमित झाड़ू लगाई गई, न डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन निकले, न ई-रिक्शा चले और न ही बड़ी कचरा गाड़ियां सड़कों पर दिखाई दीं।

हालांकि हालात को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार रात नगर निगम ने पुलिस बल की निगरानी में विशेष सफाई अभियान चलाया। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिया कि हर वार्ड में कार्यरत सफाईकर्मियों के अलावा 15 से 20 अतिरिक्त सहयोगियों की टीम बनाकर सफाई कार्य कराया जाए। साथ ही उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग सफाई कार्य में बाधा डालेंगे या ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को रोकेंगे, उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के अनुसार, हड़ताल के बावजूद आउटसोर्स और स्थायी सफाईकर्मियों को ड्यूटी पर भेजा गया था, लेकिन हड़ताल कर रहे कुछ कर्मचारियों द्वारा उन्हें काम करने से रोका जा रहा है। कई स्थानों पर कथित तौर पर धमकी और दबाव की वजह से कर्मचारी ड्यूटी पर आने से भी हिचकिचा रहे हैं। इसी कारण निगम ने पुलिस सुरक्षा के बीच कचरा उठाव कराने का फैसला लिया है, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो।

नगर आयुक्त ने सभी वरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और रात के समय भी विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आउटसोर्सिंग एजेंसियों को भी चेतावनी दी है कि वे अनुबंध के अनुसार निर्धारित संख्या में सफाईकर्मी उपलब्ध कराएं। यदि कोई एजेंसी अपने दायित्वों का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ अनुबंध की शर्तों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ड्यूटी पर उपस्थित होकर भी काम नहीं करने वाले कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।

सफाईकर्मियों की हड़ताल और प्रशासन की सख्ती के बीच राजधानी की सफाई व्यवस्था फिलहाल संकट में है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम और कर्मचारी यूनियन के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या फिर शहर को गंदगी और दुर्गंध की समस्या का सामना आगे भी करना पड़ेगा।