Patna High Court: जज-वकील विवाद पर ब्रेक! पटना हाईकोर्ट बार ने हड़ताल ली वापस , रंग लाई बीसीआई की पहल, 11 मई को हाईकोर्ट में सामान्य रहेगा न्यायिक कामकाज
Patna High Court: वकीलों और न्यायाधीशों के बीच बढ़ते तनाव, आरोप-प्रत्यारोप और अदालती माहौल में पैदा हुई कड़वाहट के बाद पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने अपने न्यायिक कार्य बहिष्कार के निर्णय को बिना शर्त वापस ले लिया है।...
Patna High Court:पटना की न्यायपालिका में पिछले कुछ दिनों से उफान पर चला आ रहा टकराव आखिरकार फिलहाल थमता नजर आ रहा है। वकीलों और न्यायाधीशों के बीच बढ़ते तनाव, आरोप-प्रत्यारोप और अदालती माहौल में पैदा हुई कड़वाहट के बाद पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने अपने न्यायिक कार्य बहिष्कार के निर्णय को बिना शर्त वापस ले लिया है।
दरअसल, हाल ही में हाईकोर्ट परिसर में गाड़ियों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध और कुछ जजों द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर वकीलों में भारी असंतोष फैल गया था। इसी नाराज़गी के चलते तीनों अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति ने सोमवार, 11 मई को कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया था, जिससे पूरे न्यायिक तंत्र में हलचल मच गई।
लेकिन मामला तब पलटा जब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि न्यायिक कार्य से दूरी बनाना सीधे तौर पर संवैधानिक मर्यादाओं और भारत का सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना के समान है। बीसीआई ने साफ कहा कि यदि अधिवक्ताओं को कोई समस्या है, तो उसका समाधान बातचीत, शांति और मुख्य न्यायाधीश के साथ संवाद के जरिए निकाला जाए, न कि अदालत ठप करके।
इसी कड़ी में शनिवार को बुलाई गई आपात बैठक में समन्वय समिति ने बीसीआई की चिट्ठी पर गहन विचार-विमर्श के बाद अपना निर्णय वापस ले लिया। अब वकील सोमवार को न्यायिक कार्य में शामिल होंगे और अदालतों में सामान्य कामकाज बहाल रहेगा। पटना हाईकोर्ट के भीतर यह विवाद सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं बल्कि सम्मान, संवाद और व्यवस्था के बीच टकराव का प्रतीक बन गया था। अधिवक्ताओं का आरोप था कि अदालत की कार्यवाही में गरिमा का हनन हो रहा है, जबकि न्यायपालिका का रुख नियमों और अनुशासन को बनाए रखने पर केंद्रित था।
हालांकि अब भले ही कार्य बहिष्कार समाप्त हो गया हो, लेकिन जज वकील संबंधों में आई यह दरार पूरी तरह भर पाई है या नहीं, यह सवाल अभी भी सियासी और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।