पटना हाईकोर्ट में ऐतिहासिक विदाई: चीफ जस्टिस ने 30 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बताया न्यायपालिका की 'मजबूत नींव', किया सम्मानित
पटना हाईकोर्ट में 26 फरवरी 2026 को तीस सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने इन कर्मचारियों के योगदान को सलाम करते हुए उन्हें संवैधानिक कार्यों का आधार स्तंभ बताया।
Patna - पटना हाईकोर्ट ने अपनी न्याय प्रणाली की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारियों के सम्मान में एक अभूतपूर्व पहल की है। कोर्ट के पश्चिमी लॉन में आयोजित एक भव्य समारोह में तीस सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी अटूट निष्ठा और दीर्घकालिक सेवा के लिए भावभीनी विदाई दी गई।
न्याय के 'गुमनाम नायकों' का सम्मान
पटना हाईकोर्ट के पश्चिमी लॉन में आज, 26 फरवरी 2026 को आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में तीस सेवानिवृत्त कर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने की। इस गरिमामयी अवसर पर उनके साथ वरीय न्यायाधीश सुधीर सिंह, न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद समेत हाईकोर्ट के कई अन्य जज और रजिस्ट्री के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट
सम्मान समारोह के दौरान सभी तीस सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवाकाल के दौरान दिए गए योगदान के लिए निम्नलिखित वस्तुएं भेंट की गईं, जिसमें प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न, शॉल और पौधे शामिल हैं। इस मौके पर हाईकोर्ट के कर्मचारीगण, अधिवक्ता, विभिन्न वकील संघों के पदाधिकारी और भारी संख्या में स्टाफ ने उपस्थित रहकर अपने साथियों का उत्साहवर्धन किया।
चीफ जस्टिस ने सराहा योगदान

अपने संबोधन में चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू ने कर्मचारियों की मेहनत और निष्ठा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
"कोर्ट केवल जजों और अधिवक्ताओं से नहीं चलता, बल्कि इनके पीछे काम करने वाले इन लोगों की बहुत बड़ी भूमिका है। इनके बिना संवैधानिक कार्यों को अंजाम देना असंभव था।" मुख्य न्यायाधीश ने इन कर्मचारियों को 'न्यायपालिका की नींव' बताते हुए कहा कि आम नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकार दिलाने की पूरी प्रणाली में इनका योगदान अतुलनीय है।
भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं
समारोह के अंत में सभी वरिष्ठ न्यायाधीशों ने सेवानिवृत्त कर्मियों के स्वस्थ और खुशहाल भविष्य की कामना की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति के बाद की 'दूसरी पाली' भी सफल और शांतिपूर्ण हो। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक फोटोग्राफी के साथ हुआ, जिसमें सभी की आंखों में सम्मान और सुखद यादें दिखाई दीं।