Patna Metro:पटना जंक्शन का बदलेगा चेहरा, उतरते ही मिलेगी मेट्रो, रूट मैप में ये हुआ बदलाव
Patna Metro:पटना मेट्रो परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। शहर के सबसे व्यस्त और दिल माने जाने वाले जंक्शन गोलंबर के पास अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू हो चुका है।
Patna Metro: पटना की सरज़मीं पर अब विकास सिर्फ सड़कों और पुलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ज़मीन के नीचे भी तरक़्क़ी की इबारत लिखी जा रही है। पटना मेट्रो परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। शहर के सबसे व्यस्त और दिल माने जाने वाले जंक्शन गोलंबर के पास अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू हो चुका है। यही वह इलाका है, जहां दिन-रात राजधानी की सांसें दौड़ती हैं और जहां से हर दिशा की आवाजाही गुजरती है।
मेट्रो प्राधिकरण के मुताबिक इस पूरे अंडरग्राउंड खंड में छह अत्याधुनिक आइलैंड प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जो दुनिया के बड़े और आधुनिक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर होंगे। सभी स्टेशन पूरी तरह वातानुकूलित होंगे, जहां यात्री सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यह सेक्शन पटना की शहरी तस्वीर को नई शक्ल देने जा रहा है।
इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर में पटना जंक्शन, विद्युत भवन, विकास भवन, पटना जू, राजाबाजार और रुकनपुरा जैसे अहम स्टेशन शामिल हैं। यह पूरा इलाका राजधानी के सबसे व्यस्त और रणनीतिक हिस्सों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। खास तौर पर पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि रेलवे और मेट्रो के बीच सहज और बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल सके।
पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन के लिए दो बड़े एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे। एक पुराने दूध मार्केट के पास और दूसरा बुद्ध स्मृति पार्क के सामने। दूध मार्केट वाले एंट्री-एग्जिट को जंक्शन गोलंबर से जोड़ने के लिए 17 मीटर लंबा सब-वे बनेगा, जिसके लिए बैरिकेडिंग कर खुदाई शुरू हो चुकी है।
तकनीकी तौर पर यह परियोजना बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मेट्रो लाइन को ठीक पटना जंक्शन के नीचे से गुजारा जाएगा। दोनों कॉरिडोर यहीं मिलेंगे और इसके बाद मेट्रो मीठापुर की ओर बढ़ेगी। इसके लिए रेलवे से एनओसी जरूरी होगी। गहरी खुदाई के लिए जून में नई टीबीएम मशीन लॉन्च की जाएगी।
करबिगहिया की ओर जंक्शन के बाहर मेट्रो लाइन अंडरग्राउंड से एलिवेटेड रूप लेगी। इस हिस्से की जिम्मेदारी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई है। पूरे अंडरग्राउंड सेक्शन को 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
यह महज़ एक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पटना के शहरी भविष्य का ऐलान है जहां ट्रैफिक का बोझ घटेगा, सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और राजधानी आधुनिक मेट्रो शहरों की कतार में अपनी जगह बनाएगी।