Patna News:पटना जंक्शन को बनाया जा रहा है मॉडर्न, बनेंगे पांच अंडरग्राउंड प्लेटफॉर्म, मुंबई टर्मिनल की तर्ज़ पर बदलेंगे बिहार के रेलवे स्टेशन के चेहरे, काम हो गया शुरु
Patna News: राजधानी पटना के दिल कहे जाने वाले पटना जंक्शन को पूरी तरह मॉडर्न बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है। ...
Patna News: बिहार की सियासत में एक बार फिर विकास की रफ्तार तेज़ होती दिख रही है। राजधानी पटना के दिल कहे जाने वाले पटना जंक्शन को पूरी तरह मॉडर्न बनाने का बड़ा फैसला लिया गया है। हुकूमत और रेलवे के साझा विज़न के तहत अब पटना जंक्शन को मुंबई के अत्याधुनिक टर्मिनल की तर्ज़ पर विकसित किया जाएगा। करीब 95 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला यह पुनर्विकास न सिर्फ़ राजधानी की सूरत बदलेगा, बल्कि आने वाले वर्षों की रेल ज़रूरतों का भी जवाब बनेगा।
इस योजना की सबसे अहम कड़ी है अलग से पांच अंडरग्राउंड प्लेटफॉर्म का निर्माण। इससे यात्रियों को सहूलियत मिलेगी और ट्रेनों की आवाजाही कहीं ज़्यादा सुगम होगी। पटना से पटना सिटी सेक्शन में जगह की किल्लत को देखते हुए एक अतिरिक्त लाइन को अप और डाउन दोनों दिशाओं में रिवर्सेबल तरीके से चलाने का फैसला भी लिया गया है। यानी ज़रूरत के हिसाब से पटरी की दिशा बदली जा सकेगी, ताकि जाम न लगे और रफ्तार बनी रहे।
पटना इलाके में ज़मीन की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। इसी को मद्देनज़र रखते हुए दानापुर-पटना के बीच मौजूद दो स्टेबलिंग लाइनों को हटाकर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही डीडीयू से पटना होते हुए झाझा तक करीब 400 किलोमीटर लंबी रेल लाइन की क्षमता दोगुनी करने के लिए रेलवे बोर्ड ने 17 हज़ार करोड़ रुपये की मंज़ूरी दे दी है। यह फैसला बिहार को देश के रेल नक्शे पर और मज़बूती से स्थापित करेगा।
रेलवे मंत्रालय ने अगले पांच सालों में पटना जंक्शन समेत दानापुर मंडल के चार स्टेशनों को देश के 48 बड़े शहरों की सूची में शामिल किया है, जहां रेल क्षमता दोगुनी की जाएगी। लखनऊ और गोरखपुर की तरह पटना भी अब तेज़, सुरक्षित और आधुनिक रेल नेटवर्क की दिशा में बढ़ रहा है। मक़सद साफ है यात्रा को आसान बनाना और ट्रेनों की संख्या दोगुनी करना
इसके साथ ही पटना औरंगाबाद के लिए बिहटा औरंगाबाद नई लाइन, पटना के चारों ओर रिंग रेल नेटवर्क, दीदारगंज फतुहा के बीच गंगा पर नया पुल और अतिरिक्त रेल लाइनें भी प्रस्तावित हैं। पटना, दानापुर, आरा, बक्सर, फतुहा, गहमर, जमनिया और पाटलिपुत्र जैसे स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य शुरू हो चुका है, जिसका लक्ष्य जून 2028 तय किया गया है।कुल मिलाकर, यह सिर्फ़ रेलवे प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की बुनियाद है जहां विकास, सुविधा और रफ्तार एक ही पटरी पर दौड़ते नज़र आएंगे।