Patna Unique Bank : जहां कस्टमर भी बच्चे और मैनेजर भी बच्चा… बच्चे चला रहे पूरा बैंकिंग सिस्टम, बिना बड़ों के सहारे चल रहा पूरा बैेक, लाखों का ट्रांजैक्शन, लिम्का वर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम
Patna Unique Bank : पटना की धरती पर एक ऐसा अनोखा बैंक चल रहा है, जिसे सुनकर बड़े-बड़े बैंकिंग विशेषज्ञ भी हैरान रह जाते हैं।....
Patna Unique Bank : पटना की धरती पर एक ऐसा अनोखा बैंक चल रहा है, जिसे सुनकर बड़े-बड़े बैंकिंग विशेषज्ञ भी हैरान रह जाते हैं। यहां न कोई सख्त मैनेजर, न भारी-भरकम अधिकारी, बल्कि पूरा सिस्टम बच्चों के हाथों में है। यह है किलकारी बाल भवन में संचालित गुल्लक बच्चा बैंक, जो बचत की आदत को एक नई सोच और संस्कार के रूप में बच्चों के दिलों में उतार रहा है।
इस बैंक में फिलहाल 659 सक्रिय खाते चल रहे हैं और कुल जमा राशि करीब नौ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। दिलचस्प बात यह है कि यहां किलकारी में प्रशिक्षण लेने वाले बच्चे ही ग्राहक बनते हैं। यानी ग्राहक भी मासूम और बैंकिंग सिस्टम भी मासूम हाथों में।
आठ से 16 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए यहां खाता खोलने की सुविधा है। खाता खोलने की प्रक्रिया बिल्कुल सामान्य बैंकों जैसी है, लेकिन इसमें सादगी और सीख का रंग घुला हुआ है। बच्चे एक रुपये से लेकर 50 रुपये तक जमा कर अपना खाता शुरू कर सकते हैं। समय-समय पर केवाईसी भी कराई जाती है ताकि उन्हें बैंकिंग नियमों की बारीकी समझ में आए।
सबसे खास बात यह है कि बैंक का पूरा संचालन भी बच्चों के हाथ में है। 19 वर्षीय प्रियंका कुमारी बैंक की प्रबंधक हैं, जबकि आदिति कुमारी उपप्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। दोनों ने भी किलकारी से ही प्रशिक्षण लिया है। यह अपने आप में एक जीवंत प्रयोग है, जहां सीखने वाले ही नेतृत्व भी कर रहे हैं।अब तक 4205 बच्चों के खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 3546 खाते बंद हो चुके हैं, लेकिन 659 खाते आज भी सक्रिय हैं। बच्चे प्रतिदिन पांच रुपये तक जमा या निकासी कर सकते हैं, जबकि इससे अधिक राशि के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी होती है। अधिकांश बच्चे अपनी छोटी-छोटी जरूरतों जैसे कॉपी-किताब खरीदने के लिए पैसे निकालते हैं।
हर महीने लेन-देन अनिवार्य है, नहीं तो खाता बंद कर दिया जाता है, जिसे बाद में केवाईसी अपडेट कर दोबारा चालू किया जा सकता है। नियमित लेन-देन करने वाले बच्चों को छह महीने पर दो प्रतिशत ब्याज भी मिलता है।
बैंकिंग प्रशिक्षण के साथ बच्चों को हर महीने 5 हजार से 11 हजार रुपये तक की सहयोग राशि भी दी जाती है। हर दो साल में बैंक कर्मचारियों को बदला जाता है ताकि ज्यादा बच्चे अनुभव हासिल कर सकें।2009 में शुरू हुआ यह बैंक 2017 में लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। यह सिर्फ बैंक नहीं, बल्कि बच्चों में आर्थिक समझ और जिम्मेदारी का जीवंत पाठशाला है, जो भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।