Patna Metro: पटना मेट्रो ट्रायल, 2 सितंबर से पटरी पर दौड़ेगी ट्रेन, इस दिन पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, इंतजार खत्म...
Patna Metro: पटना मेट्रो में आपका स्वागत है....अब ये आवाज आपको हर दिन सुनाई देगी। दरअसल, पटना मेट्रो का ट्रायल रन 2 सितंबर से शुरु होने वाला है। सूत्रों की मानें तो पटना मेट्रो के ट्रायल की तैयारी पूरी हो गई है।

Patna Metro: पटना मेट्रो में आपका स्वागत है....राजधानी पटना में लंबे समय से मेट्रो के परिचालन का इंतजार बिहारवासी कह रहे हैं। ट्रायल और उद्घाटन के कई बार तारीख टलने के बाद अब फाइनल तारीख तय हो गई है। 2 सितंबर से राजधानी में आपको मेट्रो दौड़ती देखेगी। मिली जानकारी अनुसार 2 सितंबर से मेट्रो का ट्रायल शुरु हो जाएगा। वहीं संभावतः 15 सितंबर को पीएम मोदी मेट्रो का उद्घाटन कर सकते हैं। 15 सितबंर को पीएम मोदी बिहार दौरे पर आने वाले हैं।
2 सितंबर से पटरी पर दौड़ेगी ट्रेन
दरअसल, बैरिया स्थित पाटलिपुत्र अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) के सामने बने मेट्रो डिपो में शुक्रवार को 132 केवी स्विच स्टेशन चार्ज कर दिया गया। इसके साथ ही पटना मेट्रो के पहले ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक, 2 सितंबर से मेट्रो ट्रायल रन शुरू होगा।
डिपो में होगी पहली टेस्टिंग
ट्रायल की शुरुआत डिपो परिसर में बने 800 मीटर लंबे ट्रैक पर होगी। इस दौरान ट्रेन की तकनीकी जांच की जाएगी और सामने आने वाली गड़बड़ियों को दूर किया जाएगा। अभी एलिवेटेड ट्रैक पर ट्रेन नहीं चलाई जाएगी। डिपो के बिजली रिसीविंग स्टेशन में 30-30 एमवीए के चार पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। इनमें से दो ट्रांसफॉर्मर 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन को 33 केवी में बदलेंगे, जिससे स्टेशनों पर लगे डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर को बिजली सप्लाई होगी। यही बिजली एसी, एस्केलेटर, लिफ्ट और अन्य मशीनों को चलाएगी। वहीं, दो अन्य ट्रांसफॉर्मर 132 केवी लाइन को 25 केवी में बदलेंगे जो सीधे मेट्रो ट्रेन को ऊर्जा देंगे।
6.5 किमी रूट पर परिचालन की तैयारी
पहले चरण में मलाही पकड़ी से न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक 6.5 किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो चलाने की तैयारी है। इस रूट पर मलाही पकड़ी, भूतनाथ, जीरोमाइल और न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन शामिल हैं। खेमनीचक स्टेशन पर अभी स्लैब डालने का काम चल रहा है, जबकि अन्य स्टेशनों पर फिनिशिंग वर्क अंतिम चरण में है।
एक ट्रेन में 900 यात्री कर सकेंगे सफर
मेट्रो डिपो का आरएसएस कंट्रोल रूम, जिसे ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर भी कहा जाता है, पूरे नेटवर्क की निगरानी और संचालन में अहम भूमिका निभाएगा। यहां से ट्रेन मूवमेंट, सिग्नलिंग, बिजली आपूर्ति और सुरक्षा प्रणाली पर वास्तविक समय में नजर रखी जाएगी। प्राथमिक कॉरिडोर के लिए तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेनें तैयार कर ली गई हैं। हर कोच में लगभग 300 यात्रियों की क्षमता है, यानी एक ट्रेन में करीब 900 यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे।
मेट्रो में मिलेंगी ये सुविधाएं
कोचों का फिनिशिंग कार्य पूरा हो चुका है और अब ट्रायल रन के लिए यह पूरी तरह तैयार हैं। यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मेट्रो को पूरी तरह हाईटेक बनाया गया है। कोच में एयर कंडीशनिंग, सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। वहीं स्टेशनों पर फूड कोर्ट, शॉपिंग एरिया और पार्किंग की भी व्यवस्था मिलेगी। मोबाइल ऐप के माध्यम से रूट देखने और टिकट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
वॉकी-टॉकी के सहारे दौड़ेगी ट्रेन
बता दें कि, पटना मेट्रो के पहले कॉरिडोर में मेट्रो का परिचालन वॉकी-टॉकी के सहारे किया जाएगा। मेट्रो वॉकी-टॉकी के सहारे औसत 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। शुरुआती दौर में मेट्रो की रफ्तार कम रहेगी। PMRC की मानें तो पटना मेट्रो के पहले चरण में 26 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। पटना के मलाही पकड़ी से न्यू आईएसबीटी तक बिहार की सबसे पहली मेट्रो चलाई जाएगी। इसके बाद तख्त हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा से पटना एयरपोर्ट, पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन को जोड़ा जाएगा। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका फायदा होगा।
ट्रायल से पहले बदला लुक
मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही पटना मेट्रो का नया लुक सामने आया था। दरअसल, ट्रेन के ट्रायल से पहले उसे बिहारी लुक में बदला जा रहा है। ताकि ट्रेन से बिहार की पहचान को दिखाया जा सके। इससे पहले मेट्रो ट्रेन की जो तस्वीर सामने आई थी। उसमें ट्रेन की बॉडी नीले रंग की थी। लेकिन अब ट्रेन को पीले और लाल रंग से रंग दिया गया है। साथ ही ट्रेन पर बिहार के प्रमुख स्थलों को उकेरा गया है। ट्रेन पर पटना का महावीर मंदिर नजर आता है तो साथ ही गोलघर, नालंदा विवि का खंडहर भी दिखता है। इसके साथ ही महात्मा बुद्ध और बोधिवृक्ष की तस्वीर भी ट्रेन पर बनाई गई है। साथ ही बुद्ध स्मृति पार्क की तस्वीर भी नजर आएगी।