पटना नीट कांड में एक्शन में आईजी जितेंद्र राणा: उस 'हॉरर हॉस्टल' की कोठरी में पहुंचे जांच अधिकारी, जहाँ मासूम की अस्मत से हुआ था खिलवाड़; अब नपेंगे गुनहगार!
नीट छात्रा मामले में आईजी जितेंद्र राणा ने मुन्नाचक स्थित 'शंभू गर्ल्स हॉस्टल' में खुद मोर्चा संभाला। एसआईटी की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, अब गुनहगारों का बचना नामुमकिन है।
Patna - पटना के नीट छात्रा मामले में मचे भारी बवाल के बाद अब जांच की कमान खुद आईजी जितेंद्र राणा ने संभाल ली है। शनिवार को आईजी भारी पुलिस बल के साथ चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के मुन्नाचक स्थित 'शंभू गर्ल्स हॉस्टल' पहुंचे। यह वही जगह है जहाँ से छात्रा की संदिग्ध मौत और दरिंदगी की खबरें सामने आई थीं। आईजी ने उस कमरे और आसपास के गलियारों का गहन निरीक्षण किया, जहाँ पीड़िता रहती थी। जांच टीम ने हॉस्टल की एंट्री-एग्जिट रजिस्टर और वहां मौजूद अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की है ताकि घटना के समय की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
एसआईटी की पैनी नजर: एक-एक सबूत को खंगाल रही टीम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गठित की गई हाई लेवल एसआईटी (SIT) की टीम भी आईजी के साथ मौजूद रही। एसआईटी ने हॉस्टल परिसर से डिजिटल और फिजिकल सबूत इकट्ठा किए हैं। टीम ने उस कमरे की फोरेंसिक जांच भी करवाई है जहाँ छात्रा को कथित तौर पर बेहोशी की हालत में पाया गया था। आईजी जितेंद्र राणा ने एसआईटी के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज और आसपास के मोबाइल टावर डंप की बारीकी से जांच की जाए, ताकि यह पता चल सके कि वारदात के वक्त वहां कौन-कौन मौजूद था।
क्या कहा आईजी ने
आईजी ने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल बयानों पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों पर भी ध्यान दे रही है। वहींमामले की तह तक जाने के लिए हर संभव तकनीकी और फॉरेंसिक जांच की जा रही है।अब तक की गई जांच और अनुसंधान में हुई प्रगति की गहराई से समीक्षा की जाएगी।
सरकार और पुलिस मुख्यालय की गंभीरता
जितेंद्र राणा ने जोर देकर कहा कि इस मामले को शासन और प्रशासन के उच्चतम स्तर पर बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। आज एडीजी (कमजोर वर्ग) ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। पुलिस मुख्यालय और बिहार सरकार पूरे मामले की अत्यंत गंभीरता से जांच कर रही है।
जल्द खुलासे का भरोसा
अंत में उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस की विशेष टीम (SIT) का पूरा प्रयास है कि मामले की सच्चाई को जल्द से जल्द सामने लाया जाए और जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला 'कत्ल' का राज, पुलिस पर बढ़ा दबाव
इस मामले में पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने तहलका मचा दिया है। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि छात्रा की मौत कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि उसके साथ करीब दो घंटे तक हैवानियत की गई थी। शरीर पर नाखूनों के निशान, पीठ पर रगड़ के घाव और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटों ने पुलिस की शुरुआती 'आत्महत्या' वाली थ्योरी को ध्वस्त कर दिया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आईजी ने जांच का रुख अब हत्या और सामूहिक बलात्कार की दिशा में मोड़ दिया है, जिससे इलाके के रसूखदारों में हड़कंप मच गया है।
हॉस्टल संचालक और स्टाफ से कड़ी पूछताछ
जांच के दौरान आईजी ने हॉस्टल संचालक और वहां तैनात कर्मचारियों को आड़े हाथों लिया। परिवार के उन आरोपों की भी जांच की जा रही है जिसमें कहा गया था कि हॉस्टल संचालक ने एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले को दबाने के लिए 'डील' करने की कोशिश की थी। आईजी ने स्पष्ट किया है कि यदि हॉस्टल के भीतर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अपराधियों को शरण देने की बात सामने आती है, तो संचालक के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता का संघर्ष और पुलिस की लापरवाही की भी होगी जांच
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी साबित हुआ है कि छात्रा अंतिम समय तक पूरी तरह होश में थी और उसने दरिंदों का डटकर मुकाबला किया था। ऐसे में पुलिस की उस शुरुआती रिपोर्ट पर भी सवाल उठ रहे हैं जिसमें उसे 'बेहोश' और 'डिप्रेशन' में बताया गया था। आईजी जितेंद्र राणा ने संकेत दिए हैं कि जांच इस बात पर भी होगी कि क्या स्थानीय थाने के स्तर पर मामले को हल्का करने या साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की गई। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।
इंसाफ की ओर बढ़ते कदम: अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस ने मृतका के मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेज दिया है ताकि डिलीट किए गए मैसेज और कॉल रिकॉर्ड्स से किसी 'अंदरूनी दुश्मन' का पता लगाया जा सके। साथ ही, विसरा को एम्स (AIIMS) भेजा गया है ताकि जहर या अन्य किसी केमिकल के इस्तेमाल की पुष्टि हो सके। आईजी जितेंद्र राणा के खुद हॉस्टल पहुँचने से यह साफ हो गया है कि अब यह मामला ठंडे बस्ते में नहीं जाएगा। पूरी राजधानी की नजरें अब एसआईटी की अगली कार्रवाई और उन तीन संदिग्धों पर टिकी हैं जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया है।
Report - anil kumar