पटना पुलिस द्वारा जेल के बाहर से युवक का 'अगवा':जमानत के बाद भी युवक को उठाया, विरोध करने पर बहन को दिए बिजली के झटके!
पटना के तात्कालीन चौक थाना प्रभारी की दबंगई और कानून को ठेंगे पर रखने का लम्बा चौड़ा खतियान खुलने लगा है.बेऊर जेल से जमानत पर छूटे मोनू पटेल को जेल गेट के पास से अगवा करने और साथ उसकी बहन को बिजली के झटके देने का संगीन आरोप लगा है.
पटना में पुलिसिया बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बेऊर जेल से जमानत पर छूटे एक युवक मोनू पटेल जिस पर कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज है को पुलिस ने जेल गेट के पास से ही फिर से उठा लिया । मोनू की बहन चंचल कुमारी ने आरोप लगाया है कि 8 अक्टूबर की शाम को जब वह अपने भाई को लेकर घर लौट रही थी, तभी चौक थाना पुलिस ने रास्ते में उन्हें घेर लिया । चंचल का दावा है कि विरोध करने पर पुलिस अधिकारियों ने उसे इलेक्ट्रॉनिक यंत्र से बिजली के झटके (करेंट) दिए और उसके साथ मारपीट की और फिर मोनू को कुछ दिनों बाद पुनः जेल भेज दिया गया ।
एनकाउंटर की धमकी और अंधेरी गली में छोड़ा
याचिकाकर्ता चंचल कुमारी के अनुसार, 8 अक्टूबर 2025 की शाम को जब चंचल कुमारी अपने भाई को बेऊर जेल से रिहा कराकर घर लौट रही थी, तो शिव मंदिर के पास चौक थाना के अधिकारियों (जिनमें थाना प्रभारी मंजीत ठाकुर भी शामिल थे) ने उन्हें रोक लिया ।फिर मंजीत ठाकुर और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे और उसके भाई दोनों को जबरदस्ती स्कॉर्पियो और बोलेरो (नंबर BR01PL5931 और BR05A7797) में बिठाया और मारपीट की । चंचल कुमारी ने आरोप लगाया कि उन्हें एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से बिजली के झटके (करेंट) दिए गए। पुलिस ने चंचल का मोबाइल फोन छीन लिया और उसे देर रात पुलिस लाइन के पास एक सुनसान अंधेरी गली में जबरिया ठेल दिया । जाते-जाते पुलिस अधिकारियों ने उसे भद्दी गालियां दीं और धमकी दी कि यदि उसने शोर मचाया या शिकायत की, तो भाई-बहन दोनों का एनकाउंटर कर दिया जाएगा ।

अदालती आदेशों की अवहेलना और पुलिस की चुप्पी
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मोनू पटेल को माननीय उच्च न्यायालय और स्थानीय अदालत से सभी चार मामलों में जमानत मिल चुकी थी और उसकी रिहाई का आधिकारिक पत्र (Recall Letter No. 4054) भी जारी हो चुका था । इसके बावजूद पुलिस ने उसे अवैध रूप से अपनी कस्टडी में रखा । चंचल कुमारी ने घटना के तुरंत बाद कोतवाली थाना और वरिष्ठ अधिकारियों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने उनकी गुहार नहीं सुनी और थाने से उन्हें भगा दिया गया ।
अदालत में गुहार

न्याय की आस में चंचल कुमारी ने अब कोर्ट में याचिका (Misc. Petition No. 09/2025) दाखिल कर अपने भाई की जान की सुरक्षा की मांग की । याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट चौक थाना पुलिस से इस मामले पर रिपोर्ट तलब करे । परिजनों को आशंका है कि पुलिस या तो मोनू पटेल का फर्जी एनकाउंटर कर सकती है या फिर उसे किसी और झूठे मामले में फंसाने की साजिश रच रही है । फिर आरोप है कि जमानत पर छूटे आरोपी का अपहरण कर उनका एनकाउंटर करने की कोशिश की गई और नाकाम होने पर फर्जी तरीके से हथियार प्लांट कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
अधिवक्ता ने कोर्ट से प्रार्थना कि पुलिसकर्मियों द्वारा रची गई इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए मोबाइल टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जाए। इस मामले ने बिहार के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह पहली बार नहीं जब इसमें थानाध्यक्ष स्तर के अधिकारी पर सीधे अपहरण और फर्जी केस बनाने का आरोप लगा है।