पटना में निगरानी का शिकंजा: केस मैनेज करने के बदले ले रहे थे घूस, इस थाने का एडिशनल SHO गिरफ्तार
बिहार की राजधानी पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ट्रैप टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कदमकुआं थाने में तैनात एडिशनल एसएचओ (SHO) अर्जुन यादव को निगरानी की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। निगरानी विभाग को इस संबंध में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार किया गया।
केस मैनेज करने के नाम पर वसूली
जानकारी के अनुसार, एडिशनल एसएचओ अर्जुन यादव 2018 बैच का दरोगा है जो एक मामले को रफा-दफा करने और केस डायरी को मैनेज करने के बदले में 7 हजार 'नजराने' की मांग कर रहे थे। पीड़ित से रिश्वत की रकम तय होने के बाद इसकी शिकायत निगरानी ब्यूरो से की गई। ब्यूरो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपों का सत्यापन कराया और सही पाए जाने पर तुरंत ट्रैप टीम का गठन किया।

रंगे हाथों धरे गए एडिशनल एसएचओ
जैसे ही पीड़ित रिश्वत की राशि लेकर अर्जुन यादव के पास पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। उनके पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम उन्हें अपने साथ निगरानी मुख्यालय ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। मौके पर हुई इस कार्रवाई को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
पटना में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी है। हाल के दिनों में निगरानी विभाग ने कई सरकारी बाबुओं और अधिकारियों पर नकेल कसी है। कदमकुआं जैसे व्यस्त इलाके के थाने में तैनात अधिकारी की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि पुलिसिंग में पारदर्शिता लाने के लिए निगरानी विभाग पूरी तरह सतर्क है।
रिपोर्ट - अनिल कुमार