Bihar Politics: पटना हुआ किले में तब्दील, वीआईपी मूवमेंट से कांपी राजधानी, सत्ता बदलाव से पहले हाई अलर्ट

Bihar Politics: पटना इस वक्त सिर्फ प्रशासनिक राजधानी नहीं बल्कि सियासी सत्ता परिवर्तन का केंद्र बन चुका है, जहां सुरक्षा, राजनीति और शक्ति तीनों की धड़कन एक साथ तेज़ हो गई है।

Patna Turns Fortress VIP Movement Triggers High Alert Ahead
वीआईपी मूवमेंट से कांपी राजधानी- फोटो : X

Bihar Politics: पटना की सरजमीं आज पूरी तरह सियासी और सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट ज़ोन में तब्दील हो चुकी है। सत्ता परिवर्तन और नए निज़ाम के ऐलान से पहले राजधानी में वीआईपी मूवमेंट ने पूरे सिस्टम को चौकन्ना कर दिया है। आर ब्लॉक से लेकर वीरचंद पटेल पथ तक सख़्त चौकसी कायम है, वहीं लोकभवन और मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है।

एयरपोर्ट से लेकर बीजेपी और जदयू कार्यालय तक विशेष गश्ती दल लगातार निगरानी में जुटे हैं। प्रशासन ने करीब आधा दर्जन दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है ताकि किसी भी तरह की नज़ाकत या अव्यवस्था को तुरंत काबू में किया जा सके। पूरा तंत्र इस वक्त एक ही मकसद पर काम कर रहा है- सत्ता परिवर्तन का यह दौर शांत और सुरक्षित तरीके से पूरा हो।

इसी बीच नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ अपने आख़िरी मुकाम पर पहुंच चुकी हैं। लोकभवन को पूरी तरह सजाया-संवारा गया है और सुरक्षा के कड़े घेरे में रखा गया है। समारोह लोकभवन के पीछे बने जर्मन हैंगर हॉल में आयोजित होगा, जहां करीब एक हज़ार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। बिना पास किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे साफ है कि यह आयोजन पूरी तरह नियंत्रित और अनुशासित माहौल में होगा।

जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और आज जिलाधिकारी खुद तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए फिर से मौके पर पहुंचेंगे। पूरे परिसर में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कार्यक्रम बिना किसी रुकावट और शांति के साथ संपन्न हो सके।सियासी मोर्चे पर हलचल और तेज हो गई है। नीतीश कुमार के इस्तीफे और नए मुख्यमंत्री के ऐलान को लेकर भारतीय जनता पार्टी और एनडीए खेमे में बैठकों का दौर जारी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज पटना पहुंच रहे हैं, जबकि केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर शिवराज सिंह चौहान भी विशेष विमान से राजधानी आ रहे हैं।

सुबह 11 बजे नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक होगी, जिसके बाद जेडीयू और बीजेपी विधायक दल की अलग-अलग बैठकें होंगी। दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री राजभवन जाकर इस्तीफा सौंपेंगे और फिर शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की अहम बैठक में नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर अंतिम मुहर लगेगी। इसी बैठक में नए नेतृत्व की घोषणा का पूरा दारोमदार शिवराज सिंह चौहान के हाथों में रहेगा।

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने साफ कहा है कि आज का दिन निर्णायक है पहले बीजेपी विधानमंडल दल की बैठक में नेता चुना जाएगा और उसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कुल मिलाकर, पटना इस वक्त सिर्फ प्रशासनिक राजधानी नहीं बल्कि सियासी सत्ता परिवर्तन का केंद्र बन चुका है, जहां सुरक्षा, राजनीति और शक्ति तीनों की धड़कन एक साथ तेज़ हो गई है।