Bihar Obra MLA News: ओबरा के पूर्व विधायक सोम प्रकाश सिंह की पेंशन और अन्य सभी सरकारी सुविधाएं बंद, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सचिवालय ने दिए तत्काल आदेश

औरंगाबाद जिले के ओबरा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे सोम प्रकाश सिंह की पेंशन और अन्य सभी सरकारी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई हैं।

Pension Benefits of Ex MLA Som Prakash Singh Stopped
पूर्व विधायक सोम प्रकाश सिंह की पेंशन बंद- फोटो : reporter

Bihar Obra MLA News: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के हालिया फैसले के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। औरंगाबाद जिले के ओबरा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे सोम प्रकाश सिंह की पेंशन और अन्य सभी सरकारी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई हैं।

यह कार्रवाई विधानसभा सचिवालय के अवर सचिव द्वारा महालेखाकार कार्यालय, पटना को भेजे गए आधिकारिक पत्र के आधार पर की गई है। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सोम प्रकाश सिंह को पूर्व विधायक के रूप में मिलने वाली सभी वित्तीय और अन्य सुविधाओं को तुरंत रोक दिया जाए।आदेश में कहा गया है कि सिविल अपील संख्या 5652/2014 में सुप्रीम कोर्ट के 28 जनवरी 2026 के निर्णय और राज्य सरकार से प्राप्त विधिक राय के अनुसार उन्हें बिहार विधानसभा का वैध सदस्य नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर यह माना गया है कि वे विधायक पद से जुड़े किसी भी लाभ के हकदार नहीं हैं।

बिहार विधानसभा सचिवालय के इस कदम के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि पूर्व विधायक को दी जा रही सभी प्रकार की पेंशन और अन्य सुविधाओं को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और रिकॉर्ड अपडेट किया जाए।मामला वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जब सोम प्रकाश सिंह ओबरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। आरोप है कि चुनाव से पहले उन्होंने दारोगा पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन वह विभागीय कार्रवाई लंबित रहने के कारण स्वीकार नहीं हुआ था।

इसी आधार पर उनके चुनाव को लेकर कानूनी चुनौती दी गई थी। तत्कालीन जदयू नेता और प्रतिद्वंद्वी रहे प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने आरोप लगाया था कि उन्होंने सरकारी सेवा में रहते हुए चुनाव लड़ा और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया। मामला वर्षों तक अदालत में विचाराधीन रहा, जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला सामने आया है।

इस फैसले के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में उन मामलों के लिए भी मिसाल बन सकता है, जहां सरकारी सेवा और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आते हैं।फिलहाल आदेश लागू होने के बाद पूर्व विधायक से जुड़ी सभी सुविधाएं बंद कर दी गई हैं और संबंधित विभाग आगे की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।

दिल्ली से धीरज कुमार सिंह की रिपोर्ट