Bihar Missing Girls: बिहार में लापता बच्चियों को लेकर बड़ा खुलासा, अलग-अलग राज्यों से हुई बरामदगी, एक साल में 60 फीसदी रिकवरी

Bihar Missing Girls: मुजफ्फरपुर में गुमशुदा बच्चियों और युवतियों को लेकर पुलिस का विशेष अभियान लगातार तेज़ी से जारी है। ....

Big Breakthrough in Bihar Missing Girls Recovered from State
बिहार में लापता बच्चियों को लेकर बड़ा खुलासा- फोटो : reporter

Bihar Missing Girls: मुजफ्फरपुर में गुमशुदा बच्चियों और युवतियों को लेकर पुलिस का विशेष अभियान लगातार तेज़ी से जारी है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस टीम ने एक वर्ष के भीतर बड़ी संख्या में लापता मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है, जिससे कई परिवारों को राहत मिली है।

आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष कुल 587 गुमशुदगी या अपहरण से संबंधित प्रतिवेदित मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें बच्चियों और युवतियों के लापता होने की शिकायतें शामिल थीं। इनमें से पुलिस ने अब तक 325 मामलों में सफलतापूर्वक बरामदगी की है, जो कुल मामलों का लगभग 60 प्रतिशत रिकवरी रेट दर्शाता है।पुलिस द्वारा बरामद की गई बच्चियों में 165 नाबालिग (18 वर्ष से कम उम्र) शामिल हैं, जबकि 180 बालिग युवतियों को सुरक्षित वापस लाया गया है। यह कार्रवाई न केवल बिहार में बल्कि अन्य राज्यों में भी चलाए गए समन्वित अभियान के तहत की गई, जहां से कई मामलों में लोकेशन ट्रेस कर बरामदगी संभव हुई।

कांतेश कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम लगातार टेक्निकल सर्विलांस, सोशल इनपुट और फील्ड इंटेलिजेंस के माध्यम से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बच्चियों को अन्य राज्यों से भी बरामद किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराज्यीय स्तर का मुद्दा है।एसएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल रिकवरी रेट बढ़ाना नहीं, बल्कि हर गुमशुदा बच्ची को सुरक्षित घर तक पहुंचाना है। आने वाले समय में इस अभियान को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की योजना पर काम चल रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी को भी किसी लापता बच्ची या युवती के बारे में कोई सूचना मिलती है तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ही ऐसे मामलों में तेजी से सफलता मिल सकती है। कई मामलों में यह भी देखा गया है कि छोटी सी सूचना बड़ी बरामदगी का कारण बन गई, जिससे कई परिवारों की खुशियां लौट सकीं।

हालांकि, पुलिस यह भी स्वीकार कर रही है कि अभी भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और चुनौती बनी हुई है। इसके बावजूद, लगातार चल रहे विशेष अभियान से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में रिकवरी रेट और बेहतर होगा और लापता मामलों में कमी आएगी।कुल मिलाकर, मुजफ्फरपुर पुलिस का यह अभियान न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो कई परिवारों के लिए राहत और भरोसे की उम्मीद लेकर आया है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा