Bihar MLC Election:डॉ. संजीव के घर देर रात पहुंची पुलिस, सुनील सिंह भड़के, MLC चुनाव को लेकर सियासी घमासान
राष्ट्रीय जनता दल के नेता डॉ. संजीव के आवास पर देर रात प्रशासन के पहुंचने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है।...
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर जारी चुनावी मुकाबले के बीच पटना में सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के डॉ. संजीव के आवास पर देर रात प्रशासन के पहुंचने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है। इस घटनाक्रम को लेकर राजद विधान पार्षद सुनील सिंह ने नाराजगी जताई और सरकार पर निशाना साधा। वहीं, चुनाव के दौरान प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, देर रात प्रशासन की टीम डॉ. संजीव के आवास पर पहुंची। अधिकारियों की ओर से कहा गया कि उन्हें सूचना मिली है कि घर के अंदर एक व्यक्ति मौजूद है, जो चुनाव को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर प्रशासन ने जांच करने की बात कही।
डॉ. संजीव ने प्रशासन से क्या कहा?
बताया जा रहा है कि प्रशासनिक टीम के पहुंचने पर डॉ. संजीव खुद अपने आवास के गेट पर आए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनके घर के अंदर ऐसा कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन को किसी व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर संदेह है, तो वह इंतजार कर सकता है और सुबह जांच कर सकता है।इस घटनाक्रम के बाद चुनाव के दौरान प्रशासन की सक्रियता और उसकी कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सुनील सिंह ने सरकार पर साधा निशाना
डॉ. संजीव के घर प्रशासन के पहुंचने के मामले पर सुनील सिंह की नाराजगी सामने आई है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए चुनावी माहौल में इस तरह की कार्रवाई को लेकर विरोध जताया।
आठ सीटों पर चुनाव, पटना बना सियासी केंद्र
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हो रहे चुनाव के कारण पटना का राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नवल किशोर यादव और राजद से जुड़े डॉ. संजीव के नाम चर्चा में हैं। दोनों पक्षों के बीच मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका पर प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं, किसी भी कार्रवाई की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। देर रात डॉ. संजीव के आवास पर प्रशासन के पहुंचने की घटना ने इन दोनों पहलुओं को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह