अखिलेश और आजम के मुलाकात पर सियासी घमासान: बीजेपी ने साधा निशाना, कांग्रेस ने बताया पारिवारिक रिश्ता

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात के बाद राजनीति गरम हो गई है। इस मामले को लेकर जहां बीजेपी ने जमकर निशाना साधा है, वहीं कांग्रेस ने अखिलेश यादव का बचाव किया है......

अखिलेश और आजम  के मुलाकात पर सियासी घमासान: बीजेपी ने साधा न
अखिलेश और आजम के मुलाकात पर राजनीति गरम- फोटो : रिपोर्टर

Patna/Lucknow : समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा रामपुर जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में 'एम' (मुस्लिम) समीकरण को साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है, वहीं इस पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।


बीजेपी का तीखा हमला: 'माफिया और गुंडाराज को जिंदा करने की हताश कोशिश'

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना में इस मुलाकात पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह सपा के पुराने, बदहाल, माफिया और दंगा राज को दोबारा पुनर्जीवित करने की एक हताश कोशिश है। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही समाजवादी पार्टी को ऐसे दागी चेहरों की याद आने लगती है, जिनके दौर में यूपी में तुष्टिकरण और अवैध कब्जा राज चलता था। जनता सीएम योगी आदित्यनाथ के सुशासन के साथ है।


मुंबई में भाजपा नेता राम कदम ने भी अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश पूरी तरह भ्रम में हैं। उन्होंने अयोध्या सीट का जिक्र करते हुए तंज कसा कि सीएम योगी की चुनौती के बाद से अखिलेश की चुप्पी नहीं टूटी है। राम कदम ने कहा कि जनाधार खिसकता देख अब अखिलेश जेल में बंद असामाजिक तत्वों से मिलकर किसी खास तबके को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता गुंडागर्दी करने वालों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।


जेडीयू ने एनडीए की वापसी का किया दावा

पटना में जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने समाजवादी पार्टी को घेरते हुए कहा कि यूपी में कुछ भी बदलने वाला नहीं है और एनडीए गठबंधन की प्रचंड बहुमत से फिर सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता अखिलेश की राजनीति में विकास नहीं देखती और पीएम मोदी तथा सीएम योगी की जोड़ी पर जनता को पूरा भरोसा है।


कांग्रेस ने किया बचाव: 'पारिवारिक और भावनात्मक रिश्ता'

दूसरी ओर, लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस मुलाकात का बचाव करते हुए इसे पारिवारिक और भावनात्मक रिश्ता करार दिया। उन्होंने कहा कि आजम खान, मुलायम सिंह यादव के करीबी साथी रहे हैं और अखिलेश यादव अपने घर के 'चाचा' से मिलने जा रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सरकार पर आजम खान के उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें मानसिक संबल देने के लिए अखिलेश यादव वहां जा रहे हैं, ताकि इस दमनकारी शासन का अंत हो सके।