जहानाबाद अस्पताल में गत्ते के प्लास्टर पर सियासत तेज: विपक्ष का सरकार पर बड़ा हमला, कहा- 'ICU में है बिहार का स्वास्थ्य विभाग'
जहानाबाद जिला सदर अस्पताल में एक मरीज के टूटे पैर में प्लास्टर की जगह कार्डबोर्ड लपेटकर पटना रेफर करने का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने इसे लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है....
Patna : राजधानी पटना से महज 45 किलोमीटर दूर स्थित जहानाबाद जिला सदर अस्पताल में एक मरीज के टूटे पैर में प्लास्टर की जगह कार्डबोर्ड (गत्ता) लपेटकर पटना रेफर करने का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस घटना को लेकर विपक्ष ने बिहार सरकार की वित्तीय स्थिति और स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोरदार हमला बोला है। राजद नेता व बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया के फेसबुक पर तस्वीर के साथ पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है राज्य की वित्तीय हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि जिला अस्पतालों में मरीजों को प्राथमिक उपचार तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
17 महीनों के बदलाव बनाम 21 साल का शासन: स्वास्थ्य नीतियों के क्रियान्वयन पर सवाल पूर्व में 17 महीनों के अल्प कार्यकाल के दौरान किए गए सुधारों का हवाला देते हुए तेजस्वी ने कहा कि उस दौरान दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में गुणात्मक परिवर्तन किए गए थे। हालांकि, वर्तमान में उन सुधारात्मक नीतियों और निर्णयों का क्रियान्वयन पूरी तरह ठप हो गया है। विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग खुद ही आईसीयू (ICU) में चला गया है, जहां मरीजों को बुनियादी फर्स्ट एड जैसी सुविधाएं मिलना भी दूभर हो गया है।
एनडीए सरकार और चुनावी राजनीति पर तीखा प्रहार
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा गया कि बिहार में पिछले 21 सालों से एनडीए (NDA) की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की हालत शर्मनाक है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही प्रधानमंत्री और सत्ताधारी दल बिहार आकर 'जंगलराज' की बात करने लगते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही जनसरोकार के मुद्दों को दरकिनार कर दिया जाता है।
जनसरोकार से बेरुखी का आरोप: कटपुतली व्यवस्था पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर ऐसे लोगों को बैठा दिया गया है जिन्हें आम जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है। एक साधारण से फ्रैक्चर के इलाज के लिए भी मरीज को राजधानी रेफर किया जाना इस बात का सबूत है कि जिला स्तर के अस्पतालों में कोई तैयारी या संसाधन मौजूद नहीं हैं।
प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था में सुधार की मांग
तेजस्वी ने कहा है कि जहानाबाद सदर अस्पताल की इस तस्वीर ने पूरे राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। इस घटना के सामने आने के बाद आम जनता और राजनीतिक हलकों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। विपक्ष की मांग है कि ऐसे लापरवाही भरे रवैये के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और जिला अस्पतालों में दवाइयों व प्राथमिक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए।
रंजन की रिपोर्ट