Bihar News: प्रसाद अस्पताल अग्निकांड का एक और शिकार, इलाज के दौरान पीडीएस विक्रेता अंजनी सिंह की मौत, गांव में पसरा मातम

Bihar News: प्रसाद अस्पताल अग्निकांड की त्रासदी ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं।....

Prasad Hospital Fire Victim
प्रसाद अस्पताल अग्निकांड का एक और शिकार- फोटो : reporter

Bihar News: प्रसाद अस्पताल अग्निकांड की त्रासदी ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। अग्निकांड में गंभीर रूप से प्रभावित मड़वन प्रखंड के चैनपुर परड़ी गांव निवासी अंजनी कुमार सिंह का शनिवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों के बीच कोहराम मच गया।

58 वर्षीय अंजनी कुमार सिंह जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेता थे और क्षेत्र में एक सम्मानित एवं मिलनसार सामाजिक व्यक्ति के रूप में उनकी पहचान थी। बताया गया कि 3 जून को तबीयत खराब होने के बाद उन्हें प्रसाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान अस्पताल में भीषण अग्निकांड की घटना हुई, जिसने कई मरीजों और उनके परिजनों को संकट में डाल दिया। आग लगने के बाद अंजनी कुमार सिंह को तत्काल दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया गया और उनका इलाज मुजफ्फरपुर के अशोका अस्पताल में चल रहा था।

परिजनों को उम्मीद थी कि इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौटेंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल छा गया।मृतक का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया गया, जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव चैनपुर परड़ी लाया गया। गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

घटना की सूचना मिलने पर कांटी विधायक अजीत कुमार मृतक के आवास पहुंचे और श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। विधायक ने अंचलाधिकारी की मौजूदगी में मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी सौंपा।विधायक ने कहा कि अंजनी कुमार सिंह उनके पुराने सहयोगी थे और सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा भी दिया। अंतिम दर्शन और अंत्येष्टि में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।प्रसाद अस्पताल अग्निकांड से जुड़ी यह मौत एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यह हादसा केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक परिवार और पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति बनकर सामने आया है।

रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह