बंटी यादव की मां से मिलने धरना स्थल पहुंचे प्रशांत किशोर, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

बंटी यादव के अपहरण की घटना 6 जुलाई की रात पटना जंक्शन के पास न्यू करबिगहिया इलाके में हुई थी। सेक्स रैकेट के कथित रूप से विरोध करने के कारण हुए इस मर्डर में प्रशांत किशोर ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल उठाया है

Prashant Kishor Meets Bunty Yadavs Mother
Prashant Kishor Meets Bunty Yadavs Mother - फोटो : news4nation

Bihar News :  पटना में सेक्स रैकेट और कथित देह व्यापार के खिलाफ आवाज उठाने वाले बंटी यादव की हत्या का मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। गुरुवार को जन सुराज प्रमुख और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशी प्रशांत किशोर बंटी यादव के परिजनों के धरना स्थल पर पहुंचे और उनकी मां सहित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने बंटी यादव की हत्या को पुलिस और प्रशासन की बड़ी विफलता बताते हुए बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस तरह बंटी यादव का अपहरण हुआ और बाद में उसका शव पटना के बाहरी इलाके से बरामद किया गया, वह पूरी घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि बंटी यादव के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।


6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास से हुआ था अपहरण

बंटी यादव के अपहरण की घटना 6 जुलाई की रात पटना जंक्शन के पास न्यू करबिगहिया इलाके में हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, बंटी दूध मार्केट के पास मौजूद थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें अगवा कर लिया। परिवार का आरोप था कि बंटी इलाके में चल रहे कथित सेक्स रैकेट और देह व्यापार का विरोध कर रहे थे और इसी वजह से उन्हें पहले भी धमकियां मिली थीं। 


करीब पांच दिन बाद 11 जुलाई को बंटी का शव पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र में मिला। शव की हालत काफी खराब थी और पहचान करना मुश्किल था। बाद में परिजनों ने कपड़ों और हाथ में मौजूद कड़े के आधार पर शव की पहचान बंटी यादव के रूप में की। पुलिस ने इस मामले में हत्या और अपहरण के एंगल से जांच शुरू की।


पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल

इस हत्याकांड के बाद पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे। जांच में सामने आया कि जिस जगह से बंटी का अपहरण हुआ, वहां से करीब 100 मीटर की दूरी पर डायल-112 की ड्यूटी में पुलिसकर्मी मौजूद थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने न तो अपहरण की घटना को रोका और न ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई की। इसके बाद तीन ASI और एक होमगार्ड को कथित लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया।


मुख्य आरोपी रवीश पुलिस मुठभेड़ में घायल

बंटी यादव हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी रवीश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। गुरुवार सुबह पटना के बांस घाट के पास पुलिस और रवीश के बीच मुठभेड़ की सूचना सामने आई। पुलिस के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में रवीश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, रवीश को बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

बंटी यादव की हत्या के बाद उनकी मां और अन्य परिजन न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। अब प्रशांत किशोर के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद यह मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक ओर पुलिस मामले को अवैध शराब कारोबार से जुड़े विवाद का नतीजा बता रही है, वहीं बंटी के परिवार और उनके समर्थक लगातार दावा कर रहे हैं कि उनकी हत्या अपराध और कथित सेक्स रैकेट का विरोध करने के कारण की गई। ऐसे में इस हत्याकांड की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर आने वाले दिनों में सबकी नजर रहेगी।