बिहार पुलिस को मिल सकती है पहली महिला DGP, जानिए कौन हैं IPS प्रीता वर्मा और क्यों दावेदारी हैं सबसे मजबूत

बिहार पुलिस बेड़े को जल्द ही नई कमान मिल सकती है। 1991 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी प्रीता वर्मा का राज्य का नया पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) बनना लगभग तय माना जा रहा है।बिहार पुलिस के इतिहास में पहली महिला IPS बनेगी?

Will Preeta Verma be new DGP of Bihar
बिहार पुलिस इतिहास रचने को है तैयार! पहली महिला आईपीएस बनेंगी DGP!- फोटो : Reporter

बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद राज्य के नए पुलिस प्रमुख के नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वर्तमान में बिहार कैडर की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को राज्य का कार्यवाहक (अस्थायी) डीजीपी नियुक्त किया गया है। पूर्णकालिक (नियमित) डीजीपी की नियुक्ति होने तक वे बिहार पुलिस बल की कमान संभाल रही हैं।


प्रीता वर्मा का परिचय और प्रशासनिक करियर

प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की अत्यंत वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं। वे वर्तमान में महानिदेशक (DG), गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं (Home Guards & Fire Services) का पद संभाल रही हैं। अपने शानदार करियर के दौरान वे डीजी ट्रेनिंग (DG Training) जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं और केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) की सीईओ भी रह चुकी हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी अलंकृत किया जा चुका है।


दावेदारी मजबूत होने के मुख्य कारण

प्रीता वर्मा को बिहार का अगला स्थायी डीजीपी बनाए जाने की संभावना सबसे अधिक जताई जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण उनकी वरिष्ठता (Seniority) है; वह राज्य के मौजूदा सेवारत आईपीएस अधिकारियों की सूची में सबसे वरिष्ठ हैं। इसके अलावा, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के शॉर्टलिस्टेड पैनल में शामिल अन्य शीर्ष अधिकारियों की तुलना में उनका शेष सेवाकाल भी पर्याप्त है। यदि उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगती है, तो वे बिहार पुलिस के इतिहास में स्थायी डीजीपी बनने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी होंगी।


नियुक्ति की प्रक्रिया और आगे का कदम

नियमानुसार राज्य सरकार द्वारा भेजे गए आईपीएस अधिकारियों के नामों में से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 3 सबसे योग्य अधिकारियों का एक पैनल तैयार करता है। इस पैनल में से राज्य सरकार किसी एक अधिकारी को स्थायी डीजीपी के रूप में चुनती है। यूपीएससी पैनल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य सरकार द्वारा जल्द ही बिहार के नए पूर्णकालिक डीजीपी के नाम की आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।