Bihar Politics : सम्राट चौधरी की काबिलियत पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ: श्याम सुंदर शरण

Bihar Politics : सम्राट चौधरी की काबिलियत पर सवाल उठाना लोकत

PATNA : हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा की “सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर किसी की कृपा से नहीं, बल्कि अपनी काबिलियत और राजनीतिक क्षमता के बल पर बैठे हैं। लोकतंत्र में काबिलियत के कई पैमाने होते हैं—इसे किसी एक कसौटी से नहीं आँका जा सकता। इसलिए बेवजह तुलना करना, उन्हें कमतर दिखाना या मीम्स बनाकर मज़ाक उड़ाना न सिर्फ गलत है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है।

शरण ने कहा की राजनीति में बहुत कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कभी राम सुन्दर दास के सामने लालू प्रसाद यादव को कमतर आंका गया, लेकिन मजबूत घेरेबंदी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। नीतीश कुमार के दौर में भी कई दावेदार थे, लेकिन वे सब पर भारी पड़े। श्री कृष्ण बाबू और अनुग्रह नारायण सिन्हा के समय भी यही स्थिति थी—मजबूत दावेदारी के बावजूद नेतृत्व वही करता है जो परिस्थितियों को साध लेता है।

कहा की आज भी वही सच सामने है—कई मजबूत दावेदारों के बीच सम्राट चौधरी सबसे आगे निकले। राजनीति में केवल विद्वता या ईमानदारी ही पर्याप्त नहीं होती, सबसे बड़ी कसौटी होती है जनता का विश्वास जीतना, वोटों को साधना, गठबंधन को साथ लेकर चलना और मजबूत परसेप्शन बनाना। इन सभी मोर्चों पर सम्राट चौधरी ने खुद को साबित किया है।

शरण ने कहा की अब समय नकारात्मकता का नहीं, बल्कि सकारात्मक राजनीति का है। जो समाज या लोग हमेशा नकारात्मकता में जीते हैं, वे खुद ही हाशिए पर चले जाते हैं। इसलिए सभी को मिलकर बिहार के विकास, सुशासन और जनता की बेहतरी के लिए सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ना चाहिए। यही समय की मांग है, यही बिहार के भविष्य का रास्ता है।”