'फोर्स भेजकर खाली करा लें 10 सर्कुलर रोड बंगला', राबड़ी देवी की सम्राट चौधरी की सीधी चुनौती, नहीं खाली करेंगे आवास

विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह आवास अब बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है। लेकिन राबड़ी देवी ने आवास छोड़ने से मना कर दिया है.

Rabri Devi -10 Circular Road
Rabri Devi -10 Circular Road- फोटो : news4nation

Rabri Devi :  'पटना का 10 सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी चाहें तो फोर्स भेजकर खाली करा लें…' राजधानी पटना पहुंचते ही बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने सरकारी आवास को लेकर शनिवार को बिहार सरकार को खुली चुनौती दे दी। दरअसल, भवन निर्माण विभाग ने शुक्रवार को राबड़ी देवी को तीसरी बार नोटिस जारी कर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया है। 


विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह आवास अब बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है। सम्राट सरकार ने राबड़ी देवी को वैकल्पिक आवास के तौर पर 39 हार्डिंग रोड स्थित बंगला पहले ही आवंटित कर दिया है। बताया जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद यह नया आवास उन्हें दिया गया था, लेकिन अब तक उन्होंने 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली नहीं किया है।


पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में राबड़ी देवी ने कहा कि यह आवास उनके परिवार की राजनीतिक और भावनात्मक पहचान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं, अगर हिम्मत है तो फोर्स भेजकर आवास खाली करवा लें।” उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।


राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राजनीति का प्रतीक माना जाता रहा है। लंबे समय तक यही बंगला लालू यादव  और राबड़ी देवी की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा। ऐसे में बंगला खाली कराने का मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। पिछले करीब 20 वर्ष से लालू परिवार इसी बंगले में रह रहा है। साथ ही यह एक बड़ा परिसर है। ऐसे में लालू परिवार ने अब इस बंगला को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। 


वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकारी आवास नियमों के तहत आवंटित किए जाते हैं और पूर्व मुख्यमंत्री को वैकल्पिक बंगला मिलने के बाद पुराने आवास को खाली करना अनिवार्य है। भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार नोटिस के बाद भी आवास खाली नहीं किया गया तो आगे कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

रंजन एवं रंजीत की रिपोर्ट