Ram Navami 2025: महावीर मंदिर में रामनवमी के दिन रामभक्तों के लिए होगी खास व्यवस्था, रात 2 बजे खुलेगा पट, घर बैठे ऐसे कर सकेंगे दर्शन
Ram Navami 2025: रामनवमी को लेकर पटना के महावीर मंदिर में खास इंतजाम किए जा रहे हैं। रात को 2 बजे महावीर मंदिर का पट खोला जाएगा। साथ ही तिरूपति के कारीगर 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार कर रहे हैं। आइए जानते हैं और क्या कुछ खास होगा..

Ram Navami 2025: रामनवमी के दिन रविवार को महावीर मंदिर में तड़के 2 बजे मुख्य गर्भ गृह का पट खुल जाएगा। गर्भ गृह में विराजमान हनुमान जी के दोनों विग्रहों और रामदरबार की जागरण आरती होगी। उसके बाद तड़के 2.15 बजे से पंक्तिबद्ध भक्त अपने आराध्य को प्रसाद व माला अर्पित कर सकेंगे। तड़के 2 से 2.15 बजे के बीच महावीर मंदिर में जागरण आरती होगी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनन्य भक्त महावीर हनुमान के दो विग्रहों वाले महावीर मन्दिर में राम जन्मोत्सव पर पुष्पवर्षा का नयनाभिराम नजारा देखने को मिलेगा। रामनवमी के दिन मध्याह्न वेला में महावीर मन्दिर के आंगन में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म के अवसर पर फूलों की बारिश से त्रेतायुग में विष्णु अवतार श्रीराम के जन्म के अवसर पर देवलोक से देवी-देवताओं द्वारा पुष्पवर्षा का एहसास कराया जाएगा। पुष्प-वर्षा से लेकर मंदिर में पूजन-अर्चन, ध्वज परिवर्तन, जन्मोत्सव आरती, प्रसाद वितरण तक श्रीराम जन्मोत्सव की रिकार्डिंग होगी। महावीर मन्दिर में रामनवमी के भव्य आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। महावीर मन्दिर में रविवार को रामनवमी के दिन लगभग दो से चार लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे भक्त जिनके हाथ में प्रसाद होगा, वे पंक्तिबद्ध होकर मन्दिर के उत्तरी प्रवेश द्वार से मन्दिर परिसर में आएंगे। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग पंक्तियाँ होंगी।
भक्तों के सहूलियत के लिए 14 बड़े एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था …
वीर कुवंर सिंह पार्क से महावीर मन्दिर तक पंडाल का निर्माण कराया गया है। जिसमें पंखा की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही पानी, शर्बत और मोबाइल टाॅयलट की व्यवस्था होगी। महावीर मन्दिर के गर्भगृह में विराजमान हनुमानजी के दोनों विग्रहों और राम दरबार के लाइव दर्शन के लिए वीर कुंवर सिंह पार्क से लेकर मन्दिर तक भक्त मार्ग और महावीर मन्दिर परिसर तक कुल 14 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए जा रहे हैं। भक्तों को वीर कुंवर सिंह पार्क तक ले जाने के लिए महावीर मन्दिर के सामने रेल इंजन के समीप और डाकबंगला चौक से निःशुल्क बस फेरी सेवा का प्रबंध महावीर मन्दिर की ओर से किया जाएगा।
भक्तों को धूप और गर्मी से राहत के प्रबंध…
गर्मी और धूप को देखते हुए भक्तों के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। भक्त मार्ग को बैरिकेटिंग के साथ-साथ ऊपर में टेंट से आच्छादित किया जा रहा है। उसमें पंखों और लाइट की पूरी व्यवस्था रहेगी। रास्ते में जगह-जगह शरबत-पानी आदि के प्रबंध किए गये हैं। भक्तों की सहायता के लिए स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। महावीर मंदिर परिसर में भी प्रवेश के बाद भक्तों को धूप से बचाने के लिए पंडाल बनाया गया है। पंखे और रौशनी के प्रबंध किए जा रहे हैं। रामनवमी के दिन महावीर मन्दिर की ओर से पुलिसकर्मी के अलावा लगभग 200 निजी सुरक्षा कर्मी और 600 स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता में लगाए जाएंगे। भक्तों के लिए निकास द्वार के पास महावीर मन्दिर द्वारा संचालित अस्पतालों की ओर से मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे।
दोपहर 12 बजे होगी मुख्य पूजा...
रामनवमी के दिन रविवार को महावीर मंदिर परिसर में स्थित मुख्य ध्वज स्थल पर सुबह 10 बजे से पूजन प्रारंभ होगा। पूजा के बाद हनुमानजी की आरती और उसके बाद पुष्प वर्षा होगी। पूजन के बाद महावीर मंदिर में स्थित सभी हनुमान ध्वज बदले जाएंगे। मध्याह्न 11.50 से 12 तक भगवान राम का जन्मोत्सव होगा। इस दौरान भक्त कतारों में अपनी जगह बने रहेंगे। जन्मोत्सव आरती के बाद भक्तों के प्रसाद चढ़ाने और दर्शन का क्रम रविवार को रात्रि 12 बजे तक जारी रहेगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रामलला के विग्रह पर पुष्पवर्षा होगी। पूरे आयोजन का प्रसारण मन्दिर के यू -ट्यूब चैनल @mahavirmandirpatna और फेसबुक पेज PatnaMahavirMandir पर किया जाएगा। महावीर मन्दिर द्वारा प्रकाशित हनुमान चालिसा की दो लाख प्रतियां भक्तों के बीच वितरित की जाएंगी।
स्टेशन प्रवेश द्वार, डाकबंगला चौराहा, जीपीओ गोलंबर और वीर कुंवर सिंह पार्क में भी नैवेद्यम काउंटर…
रामनवमी के दिन भक्तों की सुविधा के लिए महावीर मन्दिर से जीपीओ तक 10 नैवेद्यम के काउंटर लगाए जाएंगे। महावीर मन्दिर के सामने, ऑटो स्टैंड, डाकबंगला चौराहा, जीपीओ गोलंबर समेत प्रमुख स्थानों आदि पर महावीर मंदिर के नैवेद्यम उपलब्ध रहेंगे। वीर कुंवर सिंह पार्क के पास एक और पार्क के अंदर दो काउंटर की व्यवस्था होगी। कुल नैवेद्यम के 13 काउंटर होंगे। इस बार 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार करने के लिए तिरुपति के कारीगर रात-दिन जुटे हैं। शुद्धता और पवित्रता के साथ नैवेद्यम तैयार किया जाता है।