RJD ने AK-47 के इस्तेमाल और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा : राज्यपाल के प्रधान सचिव को सौंपा 6 सूत्री मांगों का ज्ञापन, दी राष्ट्रपति शासन की चेतावनी

बिहार में खराब कानून-व्यवस्था, परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के मुद्दों को लेकर RJD का एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा। राज्यपाल की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने उनके प्रधान सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा..

RJD ने AK-47 के इस्तेमाल और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा : राज
राजद के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : बिहार में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था, परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा। राज्यपाल की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने उनके प्रधान सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। राजद नेताओं ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार और AK-47 का इस्तेमाल बेहद चिंताजनक है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने समय रहते हालात में सुधार नहीं किया, तो वे राष्ट्रपति को बिहार में 'राष्ट्रपति शासन' लगाने का प्रस्ताव भेजेंगे।


सीवान घटना की जांच और निलंबन की मांग 

प्रतिनिधिमंडल ने अपनी पहली और प्रमुख मांग में सीवान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग और AK-47 के इस्तेमाल के आदेश की निष्पक्ष जांच की मांग की। राजद ने मांग रखी कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए और दोष सिद्ध होने पर कठोर कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाए।


गर्दनीबाग में धरनारत युवाओं से सार्थक संवाद की अपील 

राजद ने पटना के गर्दनीबाग में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों और युवाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की वकालत की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार को तुरंत युवाओं के साथ सार्थक संवाद स्थापित करना चाहिए और उनकी जायज मांगों का समाधान निकालकर धरना समाप्त कराना चाहिए।


महीने के भीतर रिक्त पदों पर पारदर्शी बहाली का कैलेंडर हो जारी 

राज्य में बेरोजगारी की स्थिति पर चिंता जताते हुए राजद ने मांग की कि सभी संवर्गों में खाली पड़े पदों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। एक बाध्यकारी भर्ती कैलेंडर जारी कर अधिकतम 6 महीने के भीतर पारदर्शी तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही परीक्षा-संबंधी शिक्षकों के विनियोजन और शिकायत निवारण के लिए पारदर्शी तंत्र बनाने की बात कही।


विश्वविद्यालयों और सरकारी स्कूलों की बदहाली दूर करने की मांग 

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों व कर्मचारियों की तत्काल नियुक्ति करने और नामांकन से परीक्षा तक का वार्षिक अकादमिक कैलेंडर लागू करने की मांग की। इसके अलावा सरकारी प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की कमी, क्लासरूम का अभाव जैसी बुनियादी समस्याओं को दूर करने पर जोर दिया। राजद ने दोहराया कि बिहार के युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और उनके अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा।


नरोत्तम की रिपोर्ट