जमुई छात्रा बदसलूकी मामले पर RJD का प्रदर्शन, महिला कार्यकर्ताओं ने CM का पुतला फूंका

राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। पार्टी की ओर से मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल की मांग की गई।

Jamui student abuse case
Jamui student abuse case- फोटो : news4nation

Bihar News :  जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पटना में प्रदर्शन किया। राजद की महिला कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से इनकम टैक्स चौराहे की ओर निकलीं और वहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।


प्रदर्शन के दौरान राजद की महिला नेत्री नने जमुई मामले के मुख्य आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपी का "फुल एनकाउंटर" होना चाहिए। गरीबों के घरों पर बुलडोजर चल जाता है, लेकिन ऐसे आरोपियों के घर पर बुलडोजर कब चलेगा।


राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। पार्टी की ओर से मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल की मांग की गई।


क्या है जमुई का पूरा मामला?

जमुई में 19 सितंबर की शाम एक नाबालिग छात्रा और उसका सहपाठी कोचिंग से लौट रहे थे। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों स्कूटर से मरवा पहाड़ इलाके से लौट रहे थे, तभी रास्ते में युवकों के एक समूह ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दोनों के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। घटना का वीडियो भी बनाया गया, जिसके सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया।


वीडियो में छात्रा के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और उसके सहपाठी के साथ मारपीट दिखाई देने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार घटना करीब 15-20 मिनट तक चली, जिसके बाद दोनों किसी तरह वहां से निकल पाए।


वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कार्रवाई

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने पीड़ित छात्र-छात्रा की पहचान कर उनके बयान दर्ज किए। छात्रा की लिखित शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की और मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया।


पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद मुख्य आरोपी नंदन यादव को पकड़ने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल होने की खबर सामने आई। पुलिस के मुताबिक आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच शुरू की है। अधिकारियों के मुताबिक वीडियो और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका तय की जा रही है। मामले में BNS और POCSO Act की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।


महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान

जमुई की घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने बिहार के डीजीपी से मामले में कार्रवाई और जांच की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी और समयबद्ध जांच पर जोर दिया गया है।


इधर, घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राजद ने सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पटना में महिला कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन इसी विरोध का हिस्सा रहा।

रंजन की रिपोर्ट