Bihar Politics:RJD में सियासी नसीहत का दौर, लालू के सामने तेजस्वी को सीनियर नेताओं का दिया ये पैगाम
Bihar Politics: लालू यादव ने अपने पुराने तेवर दिखाते हुए कहा, "मैं लड़ता रहा हूं और आगे भी लड़ता रहूंगा।" इसके बाद मंच पर आए वरिष्ठ नेताओं ने सीधे टकराव से बचते हुए, लेकिन बेहद स्पष्ट लहजे में तेजस्वी को संगठन और जनसंपर्क मजबूत करने की सीख दी।..
Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल के 29वें स्थापना दिवस से पहले पार्टी के भीतर आत्ममंथन और संगठन को धार देने की कवायद खुलकर सामने आ गई। पटना स्थित वीरचंद पटेल पथ के पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी में वरिष्ठ नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बेहद सियासी अंदाज में नसीहतों का पैगाम दिया। नेताओं ने साफ इशारा किया कि अगर पार्टी को फिर से मजबूत करना है तो तेजस्वी को घर और दफ्तर की सीमाओं से निकलकर गांव-गांव, गली-गली और आम कार्यकर्ताओं के बीच जाना होगा।
कार्यक्रम का आगाज करते हुए लालू यादव ने अपने पुराने तेवर दिखाते हुए कहा, "मैं लड़ता रहा हूं और आगे भी लड़ता रहूंगा।" इसके बाद मंच पर आए वरिष्ठ नेताओं ने सीधे टकराव से बचते हुए, लेकिन बेहद स्पष्ट लहजे में तेजस्वी को संगठन और जनसंपर्क मजबूत करने की सीख दी।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने हाथ जोड़कर कहा कि लालू प्रसाद ने हमेशा किसानों, मजदूरों, दलितों और गरीबों के बीच रहकर राजनीति की। उन्होंने तेजस्वी से आग्रह किया कि रोजाना एक-दो घंटे आम कार्यकर्ताओं और जनता के लिए अपने दरवाजे खोलें, ताकि संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने भी कहा कि तेजस्वी को जिलों में अधिक समय देना चाहिए। उनका कहना था कि युवा, महिलाएं और अल्पसंख्यक समाज आज भी तेजस्वी से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। यदि वे लगातार जनता के बीच जाएंगे तो पार्टी का जनाधार और मजबूत होगा।
बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय की लड़ाई को आरजेडी का अगला बड़ा एजेंडा बताया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सरकार की नीतियों से नाराज है और अब पार्टी को गांव-गांव जाकर इस जनाक्रोश को राजनीतिक ताकत में बदलना होगा।सांसद अभय कुशवाहा ने भी तेजस्वी को बिहार का व्यापक दौरा करने की सलाह देते हुए कहा कि उनका प्रभाव केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी पहचान है। ऐसे में जनता से सीधा संवाद पार्टी के लिए नई ताकत बन सकता है।वहीं पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दीकी ने संगठन को वैचारिक रूप से मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और आरजेडी के संघर्षों का इतिहास बताना होगा।
इन तमाम नसीहतों के बीच तेजस्वी यादव ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भीड़ नहीं, बल्कि मजबूत संगठन ही चुनाव जिताता है। उन्होंने दावा किया कि वे लगातार यात्राएं कर रहे हैं और लोगों से मिल भी रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर फोकस करने की अपील की।
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार, खासकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली कराने, सुरक्षा में कटौती और राजनीतिक प्रतिशोध जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने लालू प्रसाद द्वारा सम्राट चौधरी और उनके परिवार के लिए किए गए राजनीतिक सहयोग का भी जिक्र किया।स्थापना दिवस से पहले हुई इस बैठक ने साफ संकेत दे दिया कि आरजेडी अब केवल सरकार पर हमले की रणनीति नहीं बना रही, बल्कि संगठन के भीतर भी आत्ममंथन शुरू हो चुका है। वरिष्ठ नेताओं का संदेश स्पष्ट है अगर 2026 की सियासी जंग में मजबूती से उतरना है, तो तेजस्वी को जनता, कार्यकर्ताओं और संगठन से सीधा रिश्ता और मजबूत करना होगा।