सदर अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी के रूप में किया जा रहा विकसित, 70 प्रकार की सर्जरी शुरू करने के निर्देश: स्वास्थ्य सचिव
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने सोमवार को कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, जमुई, मधुबनी और पूर्वी चंपारण के जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कई निर्देश दिए.
Patna : बिहार स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने सोमवार को कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, जमुई, मधुबनी और पूर्वी चंपारण के जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय बैठक में सात निश्चय-3 के तहत राज्य के सभी सदर अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बैठक में विभाग के विशेष सचिव डॉ. त्यागराजन एस. एम., राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय और बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अस्पतालों में 24×7 संचालित होंगे पृथक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और वेंटिलेटर रहेंगे पूर्णतः कार्यशील
स्वास्थ्य सचिव ने अस्पतालों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सदर अस्पतालों में ऑर्थोपेडिक, जनरल सर्जरी तथा स्त्री एवं प्रसूति रोग के लिए अलग-अलग ऑपरेशन थिएटर 24 घंटे और सातों दिन संचालित किए जाएं। इसके साथ ही अस्पतालों में उपलब्ध सभी आईसीयू (ICU) और वेंटिलेटर सेवाओं को पूरी तरह कार्यशील रखने और ट्रायज व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय सदर अस्पतालों को जिले का सबसे भरोसेमंद केंद्र बनाना है ताकि आम मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े।
70 प्रकार की सर्जिकल सेवाओं का दायरा बढ़ाने का निर्देश, अनावश्यक रेफरल पर लगेगी रोक
जिलावार समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने सभी संबंधित सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि जिला अस्पतालों में चिन्हित 70 प्रकार की सर्जरी की सुविधा जल्द से जल्द बहाल और विस्तारित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मरीजों को उनके अपने गृह जिले में ही गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध इलाज देना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने और बिना किसी ठोस चिकित्सकीय कारण के मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर (अनावश्यक रेफरल) करने की परिपाटी पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया गया।
आधुनिक सर्जिकल उपकरणों और एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन की कमी को तत्काल दूर करने का आदेश
समीक्षा के क्रम में जिन जिला अस्पतालों में सीमित प्रकार की शल्य चिकित्सा (सर्जरी) हो रही है, वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और आधुनिक सर्जिकल उपकरणों की उपलब्धता प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने को कहा गया। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, मॉनिटरिंग इक्विपमेंट और अन्य क्रिटिकल सर्जिकल संसाधनों में किसी भी प्रकार की कमी पाई जाने पर उसे तुरंत दूर किया जाए। इन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से ही सभी चिन्हित 70 प्रकार की सर्जरियों का नियमित संचालन संभव हो सकेगा।
सिविल सर्जन करेंगे रेफरल मामलों की समीक्षा, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने सभी सिविल सर्जनों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि वे सर्जरी की कुल संख्या और उसके प्रकारों में लगातार बढ़ोतरी सुनिश्चित करें। साथ ही, अस्पताल से रेफर किए जाने वाले प्रत्येक मरीज के मामले की चिकित्सकीय आवश्यकता की खुद नियमित समीक्षा करें। अंत में उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर आपातकालीन सेवाओं, ट्रायज सिस्टम और सर्जिकल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का निर्देश दिया ताकि राज्य के आम नागरिकों को उनके ही जिले में सुलभ, आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें।
प्रियदर्शन की रिपोर्ट