ईंधन बचत पर सीएम सम्राट का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री के काफिले में घटेगी गाडियां, जनता से ‘नो व्हीकल डे’ की अपील

पेट्रोल-डीजल की बचत करने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए जनता से एक खास अपील की और कुल 7 तरह के नियमों का पालन करने की बात कही.

Big decision on fuel saving in Bihar
Big decision on fuel saving in Bihar- फोटो : news4nation

Bihar News :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचत की अपील के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बड़ा संदेश देते हुए सरकारी स्तर पर कई कदमों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईंधन की खपत कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।


सरकार की ओर से मुख्यमंत्री काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से अतिरिक्त वाहनों के बिना कार्यक्रमों में आने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सरकारी बैठकों को बढ़ावा देने और सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की गई है। इसके अलावा सरकारी कैंटीनों में पाम ऑयल के कम उपयोग और सरकारी-निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने की भी सलाह दी गई है। आम लोगों से मेट्रो, बस, ऑटो और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिक इस्तेमाल का आग्रह किया गया।

21 गाड़ियों का काफिला 

हालांकि मुख्यमंत्री की इस अपील से पहले हुई कैबिनेट बैठक में इसका असर दिखाई नहीं दिया। मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक वाहन से सचिवालय पहुंचे, लेकिन उनके काफिले में करीब 21 पेट्रोल-डीजल वाहनों का लंबा काफिला शामिल था। इसमें 11 स्कॉर्पियो, एक जैमर लगी सफारी, तीन इनोवा, एक फॉर्च्यूनर, एक एंबुलेंस, दो बोलेरो, एक जीप और एक दमकल वाहन शामिल थे। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय की दूरी महज 500 मीटर है। वहीं राज्य के अन्य 34 मंत्री भी तीन से चार गाड़ियों के काफिले के साथ कैबिनेट बैठक में पहुंचे। किसी भी मंत्री ने वाहन साझा नहीं किया। अधिकांश मंत्रियों के साथ पायलट, एस्कॉर्ट और स्टाफ वाहन भी मौजूद थे।


मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लंबे काफिलों को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच दिनभर चर्चा होती रही। कई लोगों ने सरकार से अपील की कि जिस तरह जनता से ईंधन बचत और वाहन कम इस्तेमाल करने की बात कही जा रही है, उसी का पालन सरकार और मंत्रियों को भी करना चाहिए। बढ़ती आलोचना के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट कर सरकार के फैसलों और अपीलों की जानकारी सार्वजनिक की।