Diwali 2026: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना
Diwali 2026: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों समेत देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। ....
Diwali 2026: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों समेत देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की है कि रोशनी का यह महापर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई उम्मीदों का उजास लेकर आए। मुख्यमंत्री ने लोगों से दीपावली के अवसर पर खुशियों के दीप जलाने और विकसित, समृद्ध एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की अपील भी की है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या का उल्लेख करते हुए लिखा, “दीपमालिकाओं से देदीप्यमान साकेत नगरी और प्रभु श्रीराम के आदर्शों से आलोकित जन-जन का जीवन…
इसके साथ ही उन्होंने उपनिषद के प्रसिद्ध संदेश ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ का उल्लेख किया। इसका भावार्थ है कि हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई आशाओं का प्रकाश लेकर आए। उन्होंने सभी को इस पावन पर्व की हार्दिक बधाई दी।
अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री ने दीपावली को केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का त्योहार भर नहीं, बल्कि सकारात्मक संकल्प लेने का अवसर भी बताया। उन्होंने लोगों से आपसी प्रेम, सद्भाव और उल्लास के साथ पर्व मनाने तथा विकसित, समृद्ध एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमग हुए घर-मंदिर
कार्तिक अमावस्या के अवसर पर रविवार, 8 नवंबर को देशभर में दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है। घरों, मंदिरों और प्रतिष्ठानों को दीयों, रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों और आकर्षक सजावटी सामान से सजाया गया है। शाम होते ही रोशनी से जगमगाते घर और बाजार त्योहार की रौनक को और बढ़ा रहे हैं।दीपावली को अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। तभी से दीपोत्सव की परंपरा लोकजीवन और भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनी हुई है।
इस अवसर पर लोग अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं। बाजारों में भी खरीदारी और सजावट को लेकर चहल-पहल बनी हुई है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोग इस पर्व को उत्साह के साथ मना रहे हैं।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संदेश में भी दीपावली के इसी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भाव को प्रमुखता दी गई है। उनका संदेश रोशनी, सद्भाव, समृद्धि और विकास के संकल्प के साथ त्योहार मनाने की प्रेरणा देता है।
ब्यूरो रिपोर्ट