Bihar Land Dakhil Kharij: राजस्व भूमि सुधार मंत्री ने किया सावधान, दाखिल- खारिज में आवेदक इस मोबाइल नंबर का करें प्रयोग
Bihar Land Dakhil Kharij: बिहार में दाखिल-खारिज करने में व्यवधान डालने वाले अधिकारियों पर नकेल कसने की बड़ी तैयारी की गई है. इसके लिए खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारी अब नापे जाएंगे. इसके लिए अब एक नंबर भी जारी किया गया है.

Bihar Land Dakhil Kharij: बिहार में चल रहे भूमि सर्वेक्षण के बीच जमीनों के दाखिल-खारिज में होने वाली देरी को लेकर अधिकारियों पर अब नकेल कसने की बड़ी तैयारी की गई है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी द्वारा अपर मुख्य सचिव तथा सचिव की मौजूदगी में विभागीय समीक्षा बैठक की गई। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रदत ऑनलाइन सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। दाखिल- खारिज मामलों में विगत छ: महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुये मंत्री ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है। जिस कारण आवेदनों को निरस्त करने का प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है।
प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है। इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है। दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है जहाँ दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है , तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव(55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज(55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदागंज(53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बरहरा(53.52%), सातवें स्थान पर अररिया का जोकीहाट(52.38%), आठवें स्थान पर मधुबनी का जयनगर(50.30%), नौवें स्थान पर खगड़िया का बेलदौर(50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है।
इसी आधार पर कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है। यहाँ कुल प्राप्त आवेदनों में से मात्र 6.74% आवेदनों को हीं अस्वीकृत किया गया है। दूसरे स्थान पर नालंदा का एकंगरसराय(7.44%), तीसरे स्थान पर लखीसराय का हलसी(8.93%), चौथे स्थान पर कैमूर का मोहनियां(9.24%), पांचवें स्थान पर मुजफ्फरपुर का मुरौल अंचल(9.54%), छठे स्थान पर वैशाली का पातेपुर(9.60%), सातवें स्थान पर पूर्णिया का श्रीनगर अंचल(9.71%), आठवें स्थान पर सीतामढ़ी का बाजपट्टी(10.26%), नौवें स्थान पर लखीसराय का बरहिया(10.53%)तथा दसवें स्थान पर कैमूर का रामपुर अंचल(11.06%) है।
मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी कहा कि आमजनों को दाखिल खारिज हेतु आवेदन करते समय अपना हीं मोबाइल नंबर डालना चाहिये। सीएससी सेंटर या साइबर कैफे से आवेदन करते वक्त भी यह ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर कैफे वाले का ना डालें, बल्कि आवेदक सजग होकर अपना फोन नंबर दें।