Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद हटाए गए संजीत कुमार को मिली नई पोस्टिंग, सुपौल में मिली बड़ी जिम्मेदारी
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जुड़े रहे तत्कालीन जगदीशपुर एसडीओ संजीत कुमार को अब सुपौल सदर का भूमि सुधार उप समाहर्ता नियुक्त किया है।
Bharat Tiwari Encounter: बिहार में शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ। राज्य सरकार ने 3 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया, जबकि बिहार प्रशासनिक सेवा के 12 अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई। इस प्रशासनिक फेरबदल में भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जुड़े रहे तत्कालीन जगदीशपुर एसडीओ संजीत कुमार का नाम भी खास तौर पर सामने आया है।
सरकार ने संजीत कुमार को अब सुपौल सदर का भूमि सुधार उप समाहर्ता नियुक्त किया है। इससे पहले वह भोजपुर जिले के जगदीशपुर में अनुमंडलीय पदाधिकारी के पद पर तैनात थे। करीब एक महीने पहले उन्हें जगदीशपुर एसडीओ के पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग, पटना में वापस बुला लिया गया था। इसके बाद से वह नई पोस्टिंग की प्रतीक्षा में थे।संजीत कुमार को जगदीशपुर से हटाए जाने की कार्रवाई भरत तिवारी की मां आशा देवी की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के कुछ ही समय बाद हुई थी। परिवार की ओर से तत्कालीन एसडीओ पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का दावा यहां नहीं किया जा रहा है।
दरअसल, 17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भरत तिवारी और तत्कालीन एसडीओ संजीत कुमार के बीच पहले से विवाद था। भरत बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास का मुद्दा उठा रहे थे और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर फेसबुक लाइव में हथियार दिखाते हुए एसडीओ को धमकी भी दी थी।
भरत तिवारी के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उनके पास तत्कालीन एसडीओ के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े सबूत थे। परिवार का यह भी दावा रहा कि एसडीओ के इशारे पर पुलिस उनके घर पहुंची और बाद में भरत को गोली मार दी गई। परिवार एनकाउंटर को फर्जी करार देता रहा है।परिजनों की शिकायत के आधार पर शाहपुर थाने में तत्कालीन थानेदार, एसडीपीओ समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। वहीं, पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच भी चल रही है, जिसकी अगुवाई पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा कर रहे हैं।
ऐसे में संजीत कुमार की सुपौल में नई तैनाती को प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा माना जा रहा है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि विवादित प्रकरण के बाद प्रतीक्षारत रहे अधिकारी को सरकार ने अब नई जिम्मेदारी और नई जगह दे दी है।