गौरव राय की पहल से महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा, जरूरतमंद महिलाओं को दी गई सिलाई मशीन
गौरव राय ने बताया कि अब तक उनके और उनके साथियों के प्रयास से 274 महिलाओं को सिलाई मशीनें, 316 जरूरतमंदों को साइकिलें दी जा चुकी हैं, 151 विद्यालयों और कॉलेजों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई गई
पटना के बिग्रहपुर स्थित गौरव राय के कार्यालय में शुक्रवार (3 जनवरी 2026) को महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तीन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीनें वितरित की गईं। भूमिहार महिला समाज की फाउंडर प्रीति प्रिया एवं भावना भूषण की अनुशंसा पर वैशाली की कल्याणी सिंह, पटना बाजार समिति की कल्याणी कुमारी और मोकामा की शालू कुमारी को सिलाई मशीन दी गई। कार्यक्रम में जहानाबाद निवासी युवा नेता पुरुषोत्तम कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में गौरव राय द्वारा तिरुपति से लाए गए अंगवस्त्र भेंट कर पुरुषोत्तम कुमार का स्वागत किया गया।
इस मौके पर गौरव राय ने बताया कि निश्चलपुर, नालंदा निवासी रणविजय शंकर द्वारा समाज की महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कुल पांच सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई थीं, जिनमें से तीन मशीनें आज वितरित की गईं। कार्यक्रम में उपस्थित प्रीति प्रिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की बेरोजगारी दूर करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम उन्हें सिलाई जैसी स्वरोजगार की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वहीं, मुख्य अतिथि पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि वे पहली बार इस तरह के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं और महिलाओं के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
274 महिलाओं को सिलाई मशीनें
कार्यक्रम में नालंदा निवासी विवेक शुक्ला सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। समापन अवसर पर गौरव राय ने बताया कि अब तक उनके और उनके साथियों के प्रयास से 274 महिलाओं को सिलाई मशीनें, 316 जरूरतमंदों को साइकिलें दी जा चुकी हैं, वहीं 151 विद्यालयों और कॉलेजों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई जा चुकी हैं।
बिना किसी एनजीओ के मदद
एक निजी कंपनी में कार्यरत गौरव राय ने कहा कि वे बिना किसी एनजीओ के सहयोग से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोग अपने परिवार की खुशी या किसी प्रियजन की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों को सिलाई मशीन या साइकिल दान कर रहे हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। गौरव राय ने दानदाता रणविजय शंकर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय है।