Sharadendu Bhushan RWD Bihar: आय से अधिक संपत्ति मामले में बर्खास्त अभियंता निलंबन मुक्त, देखें विभाग का नोटिफिकेशन

आय से अधिक संपत्ति मामले में 2018 में बर्खास्त किए गए पथ प्रमंडल हिलसा के तत्कालीन सहायक अभियंता शरदेन्दु भूषण को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबन मुक्त कर दिया है। पटना उच्च न्यायालय द्वारा कॉग्निज़ेंस ऑर्डर निरस्त किए जाने के बाद ......

Sharadendu Bhushan RWD Bihar Engineer Suspension Revoked
आय से अधिक संपत्ति मामले में बर्खास्त अभियंता शरदेन्दु भूषण निलंबन मुक्त- फोटो : Reporter

बिहार के नालंदा जिले के हिलसा के पथ प्रमंडल के तत्कालीन सहायक अभियंता शरदेन्दु भूषण के खिलाफ वर्ष 2015 में विशेष निगरानी इकाई, पटना द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्राथमिकी (कांड संख्या-01/2015) दर्ज की गई थी। मामला दर्ज होने के बाद विभागीय जांच प्रक्रिया शुरू की गई। जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर पथ निर्माण विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 20 नवंबर 2018 को उन्हें "तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त" करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद उनकी ओर से दायर पुनर्विलोकन याचिका को भी विभाग ने खारिज कर दिया था। 


उच्च न्यायालय की शरण और बर्खास्तगी आदेश का निरस्तीकरण

अपनी बर्खास्तगी के विभागीय फैसले के खिलाफ शरदेन्दु भूषण ने माननीय पटना उच्च न्यायालय में याचिका (CWJC No-12763/2018 व LPA No-186/2025) दायर की। उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के आलोक में पथ निर्माण विभाग ने समीक्षा करते हुए 26 सितंबर 2025 को उनकी बर्खास्तगी के दंड और पुनर्विलोकन याचिका खारिज करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया। इससे उनकी सेवा पुनर्स्थापित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ।   

महाधिवक्ता की कानूनी राय और पुनः निलंबन की प्रक्रिया

सेवा पुनर्स्थापना के बाद मामले में प्रशासनिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन को लेकर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के तहत नए सिरे से अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान बर्खास्तगी से निलंबन अवधि के नियमन को लेकर राज्य के विद्वान महाधिवक्ता से कानूनी परामर्श लिया गया। महाधिवक्ता की सलाह के आधार पर विभाग ने 16 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी कर भूषण को उनकी पूर्व बर्खास्तगी की तिथि (20.11.2018) से ही लगातार अगले आदेश तक निलंबित माना।

हाईकोर्ट से कॉग्निज़ेंस ऑर्डर निरस्त होने से बदला रुख

इस पूरे प्रशासनिक घटनाक्रम के बीच आपराधिक मामले (Spl. Case No-33/2015) में बड़ा कानूनी मोड़ आया। निचली अदालत द्वारा 26 जून 2019 को पारित कॉग्निज़ेंस ऑर्डर (संज्ञान आदेश) के खिलाफ दायर याचिका (Cr. Misc. No-71418/2021) पर सुनवाई करते हुए पटना उच्च न्यायालय ने 11 अगस्त 2026 को उस आदेश को रद्द (Set Aside) कर दिया। आपराधिक मामले में उच्च न्यायालय से मिली इस बड़ी राहत के बाद विभागीय स्तर पर उनके निलंबन की समीक्षा की राह पूरी तरह साफ हो गई।


समीक्षा समिति की बैठक और निलंबन मुक्ति की अनुशंसा

माननीय उच्च न्यायालय के फैसले और सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के आलोक में 25 अगस्त 2026 को पथ निर्माण विभाग, बिहार के सचिव की अध्यक्षता में निलंबित अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाईकोर्ट द्वारा कॉग्निज़ेंस ऑर्डर निरस्त किए जाने के तथ्य पर विचार किया गया और सर्वसम्मति से तत्कालीन सहायक अभियंता शरदेन्दु भूषण को निलंबन से मुक्त करने की सिफारिश की गई।