Patna Crime: पटना जंक्शन के बाहर धराए हथियारों के साथ दो तस्कर, पाटलिपुत्र से भी तीन दबोचे गए

Patna Crime: राजधानी पटना में हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एसटीएफ, डीआईयू और पटना पुलिस की टीम ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। ....

Patna Five Arrested Arms Delivery
हथियार के साथ तस्कर गिरफ्तार- फोटो : reporter

Patna Crime:  राजधानी पटना में हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एसटीएफ, डीआईयू और पटना पुलिस की टीम ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, नालंदा से ट्रेन के जरिए हथियार लेकर पटना पहुंचे दो कथित हथियार डिलीवरी बॉय को पटना जंक्शन के बाहर गिरफ्तार किया गया। वहीं, तीन अन्य आरोपियों को पाटलिपुत्र इलाके से पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल और लोडेड मैगजीन बरामद की हैं।जानकारी के अनुसार, पुलिस को हथियारों की डिलीवरी किए जाने के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ, डीआईयू और पटना पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस की कार्रवाई उस वक्त हुई, जब कथित तौर पर हथियारों की खेप पहुंचाने की तैयारी चल रही थी। हथियारों की डिलीवरी होने से पहले ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पाटलिपुत्र से भी तीन आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने पाटलिपुत्र इलाके से भी तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि रंजन, अमन और सौरभ के रूप में बताई गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपियों में पॉलिटेक्निक और नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र भी शामिल हैं। हालांकि, किस आरोपी की क्या भूमिका थी, इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस की पूछताछ के बाद सामने आ सकती है।

हथियारों के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

मामला कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार नालंदा से पटना किसके निर्देश पर लाए गए थे। इसके साथ ही हथियारों की डिलीवरी किसे की जानी थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है कि गिरफ्तार लोगों का पहले से किसी आपराधिक गिरोह से संपर्क रहा है या नहीं। फिलहाल, पुलिस की जांच और पूछताछ के बाद ही हथियारों की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट- अनिल कुमार