अयोध्या के बाद अब सीतामढ़ी की बारी: 942 करोड़ से बनेगा 151 फीट ऊंचा भव्य मंदिर, निर्माण का वर्क ऑर्डर जारी

सीतामढ़ी स्थित मां जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम अब अयोध्या की तर्ज पर विकसित होगी। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने मंदिर निर्माण के लिए चयनित एजेंसी 'अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स' को सोमवार को आधिकारिक वर्क ऑर्डर (कार्यादेश) जारी कर दिया है।

अयोध्या के बाद अब सीतामढ़ी की बारी: 942 करोड़ से बनेगा 151 फ

Patna : माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी के पुनौराधाम को विश्वस्तरीय तीर्थस्थल बनाने का सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर यहाँ भी भव्य निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) ने लंबी प्रक्रिया के बाद सोमवार को चयनित एजेंसी को आधिकारिक 'कार्यादेश' (Work Order) थमा दिया है। अब जल्द ही मंदिर परिसर में मशीनों की गड़गड़ाहट और निर्माण की धमक सुनाई देगी।

एजेंसी तय, 42 महीने में पूरा करना होगा मिशन

निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 'अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स' को यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार को जारी किए गए कार्यादेश के मुताबिक, एजेंसी को अगले 42 महीनों (साढ़े तीन साल) के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा करना होगा। यह प्रोजेक्ट केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि अगले 10 वर्षों तक इसके संचालन और प्रबंधन (Maintenance) की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी के कंधों पर होगी, ताकि व्यवस्था में कोई कमी न आए।

942 करोड़ का बजट, 151 फीट ऊंचा शिखर

सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए खजाना खोल दिया है। कुल 942.383 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनेगी।

ऊंचाई: मुख्य मंदिर का शिखर 151 फीट ऊंचा होगा, जो दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।

अयोध्या कनेक्शन: योजना ऐसी है कि अयोध्या के राम मंदिर और सीतामढ़ी के जानकी मंदिर के बीच एक सीधा सांस्कृतिक और आत्मिक संबंध स्थापित हो सके।

सिर्फ मंदिर नहीं, बनेगा पूरा 'तीर्थ नगर'

इस वृहद परियोजना के तहत केवल मंदिर का जीर्णोद्धार ही नहीं होगा, बल्कि पूरा इलाका एक 'तीर्थ नगर' के रूप में विकसित होगा।

सुविधाएं: मंदिर के चारों ओर विशाल परिक्रमा पथ और सुरक्षा के लिए परकोटा बनाया जाएगा।

आकर्षण: श्रद्धालुओं के लिए अनुष्ठान मंडप, मां जानकी कुंड का सौंदर्यीकरण, हाई-टेक म्यूजियम और ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा। साथ ही, यात्रियों के ठहरने के लिए आधुनिक आवासन की व्यवस्था भी होगी।

50 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण

पुनौराधाम में पहले से 17 एकड़ जमीन उपलब्ध है, लेकिन भव्यता को देखते हुए सरकार ने दायरे को बढ़ाने का फैसला किया है। मंदिर के आसपास के इलाकों में लगभग 50 एकड़ और जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 165.57 करोड़ रुपये की राशि अलग से स्वीकृत कर दी है। प्रशासन का दावा है कि बनने के बाद यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर भी मजबूती से उभरेगा।