PATNA - आगामी 7 मार्च 2025 को पटना का गांधी मैदान एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। इस दिन वैश्विक मानवतावादी एवं आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के सान्निध्य में एक भव्य महासत्संग का आयोजन होगा, जहाँ गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों का अनावरण भी करेंगे। बिहार की धरती पहली बार इस गौरवशाली पल का साक्षी बनेगी। पवित्र सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के ये अवशेष तमिलनाडु के अग्निहोत्र ब्राह्मण सीताराम शास्त्री जी के द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित किए गए हैं। कांची के शंकराचार्य जी ने उन्हें यह निर्देश दिया था कि बेंगलुरु के गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी इनकी प्रतिस्थापना में सहयोग प्रदान करेंगे।
मैथिली नृत्य झिझिया की भी होगी प्रस्तुति
7 मार्च को आयोजित राज्य के सांस्कृतिक धरोहर के इस उत्सव में बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सहयोग से बिहार के प्रसिद्ध मैथिली लोकनृत्य 'झिझिया' की भी विश्व रिकॉर्ड प्रस्तुति होगी। जिसमें जिले की विभिन्न महाविद्यालयों की 1001 छात्राएँ एक साथ मिलकर झिझिया नृत्य का भव्य प्रदर्शन करेंगी।
श्री श्री बताएंगे जीवन जीने की कला
यह सांस्कृतिक कार्यक्रम एक विश्व स्तरीय आयोजन होगा जिसमें लगभग 25,000 वर्ग फुट के मंच पर बिहार के समृद्ध सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जाएगा। इस सामूहिक लोकनृत्य का संचालन और समन्वयन बिहार में संगीत और नृत्य को समर्पित प्रसिद्ध संस्था निनाद द्वारा किया जा रहा है।
इस महासत्संग में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी ना सिर्फ आम जन को जीवन जीने की कला का ज्ञान देंगे बल्कि जिले के विविध शैक्षिक संस्थानों से बड़ी सांख्या में आए छात्र-छात्राओं से भी संवाद करेंगे । गुरुदेव इन युवाओं को तनाव रहित शिक्षण -प्रशिक्षण, अवसाद मुक्त जीवन, समय प्रबंधन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी महती भूमिका के गुर भी सिखाएँगे। गुरुदेव के इस ऐतिहासिक महासत्संग में जिले के आम जन के अलावा बड़ी संख्या में राजनीति, प्रशासन, तकनीकी, चिकित्सा एवं व्यावसायिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित गणमान्य एवं बुद्धिजीवी लोग भी में शामिल होंगे।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ:-
* मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों का अनावरण
* गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आध्यात्मिक प्रवचन एवं ध्यान सत्र।
* 1001 युवा छात्राओं द्वारा बिहार के मैथिली लोकनृत्य झिझिया की विश्व रिकॉर्ड प्रस्तुति।
* युवा छात्र-छात्राओं के साथ विशेष संवाद।
विदित हो कि बिहार की धरती पर गुरुदेव का पदार्पण 6 मार्च की संध्या को होगा । इसके बाद गुरुदेव 7 मार्च की सुबह औरंगाबाद, में फिर संध्या में पटना में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। पटना के अलावा गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी पूर्णिया, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर में विशाल जन समूह को अपने आशीर्वचनों से कृतार्थ करेंगे। गुरुदेव अपने बिहार यात्रा की अंतिम चरण में आर्ट ऑफ लिविंग के बोधगया स्थित इंटरनेशनल आश्रम में भी एक महासत्संग में शामिल होंगे जिससे क्षेत्र के सभी गणमान्य और आम लोगों को गुरुदेव के सान्निध्य में ज्ञान-ध्यान का लाभ मिलेगा।
निश्चित रूप से अपने शहर पटना और बिहार के इन सभी 6 जिलों में अयोजित होने वाला यह भव्य महासत्संग , बिहार एवं देशभर के लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान, सांस्कृतिक गर्व एवं प्रेरणा प्रदान करने वाला एक अभूतपूर्व आयोजन होगा। इस महासत्संग को युवा एवं कला संस्कृति विभाग, बिहार स्वास्थ्य समिति विभाग, मद्य निषेध विभाग तथा आध्यात्मिक सत्संग समिति, पटना द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
आज के इस प्रेस कांफ्रेंस में स्वामी परमतेज जी, आध्यात्मिक सत्संग समिति के अध्यक्ष कमल नोपानी जी, कमल सुरेका जी, आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक अखिलेश परमाणु जी, आर्ट ऑफ लिविंग मीडिया समन्वयक ज्योति सिन्हा, शिक्षक समन्वयक बलाजी तथा रिपुसूदन जी, एपेक्स रमेश कुमार, आलोक अग्रवाल नमिता जी तथा प्रिंस मौजूद थे।
कार्यक्रम संबंधित विशेष जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है :-
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