नशेड़ी दूल्हे को दुल्हन ने बैरंग लौटाया: वरमाला के समय लड़खड़ाते देख शादी से किया इनकार, बारात बंधक
सुपौल में एक दुल्हन ने नशे की हालत में वरमाला के लिए पहुंचे दूल्हे से शादी करने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके पिता को बंधक बनाकर शादी का पूरा खर्चा और उपहार वापस वसूला।
Supaul - सुपौल के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मिरजावा पंचायत के ठाकुर टोला में बुधवार की रात एक शादी समारोह रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। कटिहार से आई बारात उस समय विवादों में घिर गई जब दूल्हा राजेश कुमार नशे की हालत में वरमाला के लिए स्टेज पर पहुंचा। दूल्हे की शर्मनाक हरकतों को देख दुल्हन नेहा कुमारी ने समाज की परवाह किए बिना तुरंत शादी तोड़ने का फैसला सुना दिया।
वरमाला के दौरान खुली दूल्हे की पोल
जानकारी के अनुसार, कटिहार के फलका थाना क्षेत्र से विलास ठाकुर अपने बेटे की बारात लेकर पहुंचे थे। शुरुआती रस्में ठीक रहीं, लेकिन जैसे ही दूल्हा वरमाला के लिए स्टेज पर आया, वह शराब के नशे में लड़खड़ा रहा था और असामान्य हरकतें करने लगा। दुल्हन नेहा ने जब यह मंजर देखा, तो उसने स्पष्ट रूप से कह दिया कि वह किसी नशेड़ी के साथ अपना भविष्य बर्बाद नहीं करेगी।
ग्रामीणों ने दूल्हा और पिता को बनाया बंधक
दुल्हन के फैसले के बाद मामला इतना बढ़ गया कि लड़की पक्ष और ग्रामीणों ने मिलकर पूरी बारात को बंधक बना लिया। हंगामे के बीच अधिकांश बाराती तो खिसक गए, लेकिन ग्रामीणों ने दूल्हे, उसके पिता और बारात की गाड़ियों को रोक लिया। लड़की पक्ष की मांग थी कि शादी की तैयारियों में खर्च हुए पैसे और दिए गए उपहार वापस किए जाएं।
उपहार वापसी के बाद मिली रिहाई
यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा बुधवार रात से लेकर गुरुवार शाम तक चला। अंततः गुरुवार की शाम दूल्हा पक्ष द्वारा शादी में खर्च की गई नकद राशि और सभी उपहार लौटाने के बाद ही ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके पिता को मुक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि नेहा ने जो कदम उठाया है, वह समाज की अन्य बेटियों के लिए एक प्रेरणा है।
पुलिस प्रशासन रहा बेखबर
हैरानी की बात यह है कि गांव में इतना बड़ा घटनाक्रम हुआ और बारात को बंधक बनाया गया, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि उनके पास इस मामले की कोई आधिकारिक सूचना या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। फिलहाल पूरे इलाके में दुल्हन नेहा कुमारी के इस साहसिक फैसले की सराहना हो रही है।