Tej Pratap Yadav: तेजप्रताप यादव के आवास में सेंध, 20 लाख कैश, जेवरात और हाईटेक गैजेट्स गायब, PA पर चोरी का इल्जाम
Tej Pratap Yadav: पटना के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास पर बड़ी चोरी का मामला सामने आया।...
Tej Pratap Yadav: पटना के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त सनसनी फैल गई जब बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास पर बड़ी चोरी का मामला सामने आया। राजधानी के 42 हार्डिंग रोड स्थित आवास से लाखों रुपये नकद, कीमती जेवरात और कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गायब होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। इस मामले में तेजप्रताप यादव ने अपने ही करीबी सहयोगी मोतीलाल राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं।तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास में हुई चोरी का आरोप तेज प्रताप यादव ने अपने निजी सहायक मोतीलाल राय पर लगाया है। सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसके बाद पुलिस ने उनके आवास पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
मिली जानकारी के अनुसार, 22 जून को आवास में रखी आलमारी से कथित तौर पर पार्टी फंड के लिए सुरक्षित रखे गए 20 लाख रुपये नकद गायब पाए गए। यही नहीं, चोरी की सूची में 2 तोला सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, चार पेन ड्राइव, दो हार्ड डिस्क, एक आईपैड, एक मैकबुक लैपटॉप, एक लेनोवो लैपटॉप और चार आईफोन प्रो मैक्स मोबाइल फोन भी शामिल हैं। इतनी बड़ी रकम और कीमती सामान के गायब होने की खबर ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
शिकायत मिलने के बाद सचिवालय थाना पुलिस तत्काल हरकत में आई और हार्डिंग रोड स्थित आवास पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल में जुटी हुई है। फिलहाल मामले में आधिकारिक तौर पर किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि तेजप्रताप यादव के आवास पर चोरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2022 में भी उनके सरकारी आवास पर चोरी की घटना सामने आई थी। उस समय उन्होंने अपने घर की देखरेख करने वाले चंदन नामक युवक पर नकदी और कीमती सामान लेकर फरार होने का आरोप लगाया था। उस मामले में भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
अब एक बार फिर आवास में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और भरोसे के दायरे में रहने वाले लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड ने राजधानी की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और सबकी नजर पुलिस जांच के नतीजों पर टिकी हुई है।
रिपोर्ट- वंदना शर्मा