Bihar Politics: दो निर्दलीय MLC के BJP में शामिल होने पर भड़के तेजस्वी, सदस्यता रद्द करने की मांग

Bihar Politics: बिहार की सियासत में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ...

Tejashwi Targets BJP
दो निर्दलीय MLC के BJP में शामिल होने पर भड़के तेजस्वी- फोटो : Gork

Bihar Politics: बिहार की सियासत में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दो बार निर्दलीय चुनाव जीतने वाले बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय निर्वाचित राहुल राज के भारतीय जनता पार्टी  में शामिल होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने दोनों विधान पार्षदों के पार्टी में शामिल होने को संविधान की दसवीं अनुसूची और दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने दोनों की विधान परिषद सदस्यता रद्द करने की मांग की है।दरअसल, शनिवार को दोनों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों ने बिहार बीजेपी के प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में पार्टी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद बिहार की सियासत में राजनीतिक दल-बदल और संवैधानिक प्रावधानों को लेकर बहस तेज हो गई है।

निर्दलीय जीतकर पार्टी में शामिल होना संविधान के खिलाफ: तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने इस मामले में संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए हैं। निर्वाचन के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करना दल-बदल विरोधी कानून के स्पष्ट प्रावधानों के दायरे में आता है।उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है, तो वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य हो जाता है।तेजस्वी ने संविधान के अनुच्छेद 191(2) का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक, दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित किया गया व्यक्ति राज्य विधानमंडल का सदस्य बने रहने का पात्र नहीं होता है।

सभापति से तत्काल कार्रवाई करने की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 6(1) के अनुसार, दल-बदल के आधार पर किसी सदस्य की अयोग्यता से जुड़े मामले में निर्णय लेने का अधिकार संबंधित सदन के सभापति को है।उन्होंने मांग की कि बंशीधर ब्रजवासी और डॉ. राहुल राज के बीजेपी में शामिल होने से जुड़े तथ्यों तथा संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही बिना किसी अनावश्यक विलंब के शुरू की जाए।तेजस्वी का कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होना संवैधानिक व्यवस्था के विरुद्ध है। ऐसे में दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता पर फैसला होना चाहिए।

बीजेपी और RSS पर तेजस्वी का तीखा हमला

इस पूरे विवाद को लेकर तेजस्वी यादव ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का मजाक बना रही है।तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी के विधायक को अदालत से सजा मिलने के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष उसकी सदस्यता रद्द नहीं करते। उन्होंने साहेबगंज के विधायक राजू सिंह का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि आखिर अलग-अलग मामलों में अलग-अलग रवैया क्यों अपनाया जाता है।उन्होंने विपक्षी दलों के विधायकों को अपने पाले में लाने की राजनीति पर भी हमला बोला। तेजस्वी के मुताबिक, विपक्षी विधायकों के पाला बदलने के मामलों में कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद उनकी सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई नहीं होती है।तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जब विपक्षी दलों के विधायकों को अपने पक्ष में किया जाता है, तब दल-बदल कानून को लेकर चुप्पी साध ली जाती है, लेकिन अब निर्दलीय विधान पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने पर मनमाने तरीके से कानून की व्याख्या की जा रही है।उन्होंने बीजेपी और RSS को संविधान तथा लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन करार दिया।

बिहार की राजनीति में बढ़ सकती है तकरार

बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के बीजेपी में शामिल होने के बाद शुरू हुआ यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। एक तरफ तेजस्वी यादव ने दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले में अंतिम संवैधानिक निर्णय विधान परिषद के सभापति को लेना होगा।फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने बिहार की राजनीति में दल-बदल कानून, निर्दलीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका और संवैधानिक मर्यादाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

रंजन कुमार सिंह की रिपोर्ट