सीवान की AK-47 फायरिंग पर पटना में सियासी संग्राम, तेजस्वी आज निकालेंगे 5 KM मार्च

Bihar Politics: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान कथित AK-47 फायरिंग को लेकर बिहार की सियासत में फिर घमासान मच गया है।...

Siwan AK 47 Firing Case
AK-47 फायरिंग पर सियासी संग्राम- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar Politics: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान कथित AK-47 फायरिंग को लेकर बिहार की सियासत में फिर घमासान मच गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आज राजधानी पटना की सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। उनके नेतृत्व में जेपी गोलंबर से लोक भवन तक करीब 5 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला जाएगा। RJD ने इसे छात्रों और युवाओं के हक की लड़ाई बताते हुए बड़े प्रदर्शन की तैयारी की है।मार्च में राजद के विधायक, सांसद, MLC, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल होंगे। सुबह 10 बजे जेपी गोलंबर से निकलने वाला यह मार्च बेली रोड होते हुए लोक भवन पहुंचेगा। इसके बाद तेजस्वी यादव राज्यपाल सैयद अता हसनैन को ज्ञापन सौंपकर सीवान की घटना में कार्रवाई की मांग करेंगे।

इस सियासी ‘मोर्चाबंदी’ को राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने बिहार के कार्यकर्ताओं और युवाओं से मार्च में शामिल होने की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “मोदी जी, दाल-भात खाओ यूथ का फ्यूचर मत खाओ।”मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने AK-47 से फायरिंग को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया? तेजस्वी का आरोप है कि छात्र घायल हुए और सरकार की ओर से घटना को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के हलफनामे में गोली चलने की बात स्पष्ट है, तो फिर बिना आदेश के AK-47 कैसे चली, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

सीवान के DM और SP के तबादले को लेकर भी तेजस्वी ने सरकार को घेरा। उनका कहना है कि राजद की मांग केवल तबादले की नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन की है। उनके मुताबिक सिर्फ अफसरों की अदला-बदली से मामले का पटाक्षेप नहीं हो सकता।सरकार ने सीवान के DM विवेक रंजन मैत्रेय को हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग में रखा है। वहीं SP पूरन कुमार झा को हटाकर भारत सोनी को नया SP बनाया गया है। पूरन कुमार झा को भी वेटिंग में रखा गया है।

अब तेजस्वी का यह मार्च महज सड़क प्रदर्शन नहीं, बल्कि सीवान फायरिंग कांड पर सरकार से जवाब मांगने की सियासी आर-पार की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है।