Bihar Politics: NDA सरकार ने किया विश्वासघात! तेजस्वी यादव का आरोप, महिलाओं के साथ दिनदहाड़े धोखेबाजी

Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि एनडीए सरकार ने विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार की महिलाओं के साथ दिनदहाड़े धोखेबाजी की गई है।

तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव का आरोप- फोटो : social media

Bihar Politics: बिहार की नई सम्राट सरकार के गठन होने के बाद से ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक्टिव है। तेजस्वी लगातार सरकार पर निशाना साध रहे हैं। तेजस्वी आए दिन सम्राट सरकार को घेर रहे हैं। हर दिन बिहार से जुड़े किसी ना किसी मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए तेजस्वी अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, इसी कड़ी में तेजस्वी ने एक और ट्विट की है। इस ट्विट के जरिए तेजस्वी ने आरोप लगाया है कि एनडीए सरकार ने बिहार की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। 

NDA सरकार ने किया विश्वासघात

ट्विट कर तेजस्वी ने लिखा है कि, बिहार की महिलाओं के साथ NDA सरकार ने विश्वासघात किया है, सफेद झूठ बोल उनकी भावनाओं का दोहन कर करोड़ों महिलाओं के साथ दिनदहाड़े धोखेबाजी की है। बिहार विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा होते ही, बीच चुनाव में मतदान के दिन तक, बैंक खुलवाकर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए एनडीए सरकार ने महिलाओं और जीविका दीदियों के बैंक खातों में 10 हजार रूपये भेजे।

6 महीने बीते लेकिन नहीं मिला पैसा

तेजस्वी ने दावा किया कि महिलाओं को लालच देकर, कड़ी चेतावनी और धमकी के साथ डरा कर कहा गया कि मतदान केंद्र में कैमरा लगा है अगर अमुक पार्टी के अमुक निशान पर बटन नहीं दबायेंगे तो आपके खाते में आए पैसे वसूलेंगे, प्रलोभन दिया गया कि चुनाव के बाद आगे की दो लाख की किश्त उम्मीद दी गई कि चुनाव के बाद छह महीने के अंदर शेष दूसरी किश्त को अविलंब महिलाओं के खाते में 2 लाख रूपये भेजें जाएंगे। छह महीने हो गए है अब ये धोखेबाज़-दग़ाबाज़ नेता अपनी कुर्सी के खेल में लीन है। खजाना खाली है। वित्तीय स्थिति बदतर है।

अब तक पहली किश्त की राह में महिलाएं 

उन्होंने आगे कहा कि, चुनाव बाद पूर्व से इस योजना में पंजीकृत 18 लाख महिलाओं को न तो पहली किश्त के रुपये मिले और न ही 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियों और महिलाओं को दूसरी किश्त मिली। जबकि चुनाव के समय वादा किया गया था कि इस योजना के तहत महिलाओं को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। 

बिहार का खजाना खाली

तेजस्वी ने दावा किया कि अब बिहार का खजाना खाली है। केवल चुनावी लाभ लेने के लिए एनडीए ने बिहार की मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है, उनके बाल-बच्चों के वर्तमान और भविष्य के साथ खिलवाड़ की है। युवाओं के सपनों का कत्ल किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों को जोखिम डाल दिया है। बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो चुकी है।

दो बाहरियों के कदमों में गिरवी रखी बिहारी अस्मिता 

सरकार जानती थी कि बिहार के पास सीमित संसाधन होने के बावजूद उधार लेकर चुनावों के अंतिम दिनों में वोट लूटने के लिए विभिन्न मदों में 41,000 करोड़ रुपए नगद बांटना आत्मघाती कदम है लेकिन कुर्सी के लालची लोगों ने राज्यहित पर स्वार्थ को प्राथमिकता दी। एजेंसियों में फंसे भ्रष्ट चंद अधिकारियों और बिहारी अस्मिता को दो बाहरियों के कदमों में गिरवी रखे रीढ़विहीन नेताओं को आम बिहारियों की नहीं बल्कि ख़ुद के वर्तमान और अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य की चिंता थी जिसके कारण उन्होंने बिहार का सौदा किया।

पटना से रंजन की रिपोर्ट