राजनीति के सियाही सोख्ता बन गए हैं तेजस्वी यादव ... जदयू एमएलसी नीरज ने नेता प्रतिपक्ष को दी जोरदार नसीहत

जदयू के मुख्य प्रवक्ता सह एमएलसी नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है और उन्हें 'राजनीति का सियाही सोख्ता' करार दिया है...

राजनीति के सियाही सोख्ता बन गए हैं तेजस्वी यादव ... जदयू एमए
जदयू MLC नीरज कुमार का नेता प्रतिपक्ष पर तीखा हमला- फोटो : न्यूज4नेशन

Patna : बिहार में सियासी बयानबाजी का पारा एक बार फिर चढ़ गया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्य प्रवक्ता सह एमएलसी नीरज कुमार ने  बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर सीधा और तीखा जुबानी हमला बोला है। नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे राजनीति के 'सियाही सोख्ता' बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष सरकार पर बेबुनियाद आरोप तो मढ़ देते हैं, लेकिन जब उन्हें टेबल पर तथ्यों, आंकड़ों और पुख्ता प्रमाणों के साथ करारा जवाब दिया जाता है, तो वे पूरी तरह खामोश हो जाते हैं।


"आरोप सही हैं तो कराएं कार्रवाई, नहीं तो जनता से मांगें माफी"

जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को अपनी पुरानी राजनीतिक चुनौती दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र में केवल हवा में तीर चलाने से राजनीति नहीं चलती। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को नसीहत देते हुए कहा, "हमने आपसे पहले ही कहा था कि यदि आपके द्वारा लगाए गए आरोप सही और प्रामाणिक हैं, तो केवल सोशल मीडिया पर ट्वीट करने के बजाय संबंधित जांच एजेंसियों के पास जाकर हमारे खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कराइए। और यदि आपके आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और वे गलत हैं, तो सामने आकर बिहार की जनता से अपनी इस ओछी राजनीति के लिए माफी मांगिए।"


न मानहानि का केस करने का दम, न ही आया कोई आधिकारिक जवाब

नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि कई दिन बीत जाने के बाद भी नेता प्रतिपक्ष की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हैरानी की बात यह है कि जो विपक्ष रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भ्रष्टाचार और अनियमितता के दावे कर रहा था, वह अब कानूनी कार्रवाई की बात तो दूर, कोर्ट में मानहानि का मुकदमा करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा है। सत्ता पक्ष की ओर से पूछे गए तीखे और सीधे सवालों का तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी के पास कोई आधिकारिक जवाब नहीं है, जिससे उनकी राजनीतिक साख पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


तेजस्वी यादव की रहस्यमयी खामोशी ही बन गई उनका कबूलनामा

जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने बयान में आगे कहा कि इस पूरे विवाद पर तेजस्वी यादव की यह रहस्यमयी खामोशी ही अब उनका सबसे बड़ा कबूलनामा बन चुकी है। जब किसी राजनेता के पास अपनी बात को साबित करने के लिए कोई आधार या दस्तावेज नहीं होता, तो वह इसी तरह तथ्यों के सामने घुटने टेककर मैदान छोड़कर भाग खड़ा होता है। नेता प्रतिपक्ष का यह सन्नाटा साफ-साफ गवाही दे रहा है कि उनके पास केवल झूठ का पुलिंदा था, जिसे तथ्यों की आंच मिलते ही जलकर खाक होना ही था।


सच के सामने कभी नहीं टिक सकती प्रोपेगैंडा और झूठ की राजनीति

नीरज कुमार ने अपनी नसीहत और बयान के अंत में कहा कि बिहार की जनता बेहद समझदार है और वह सब कुछ करीब से देख रही है। केवल प्रोपेगैंडा फैलाकर या झूठी कहानियां गढ़कर सम्राट सरकार की छवि को धूमिल करने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सच के अडिग पहाड़ के सामने झूठ और नकारात्मक नैरेटिव की खोखली राजनीति कभी टिक नहीं सकती। आने वाले समय में जनता ही ऐसे लोगों को उनकी सही जगह दिखाएगी जो सिर्फ भ्रम फैलाने की राजनीति में जुटे हैं।