एनडीए राज में बेटियां असुरक्षित! 1.5 साल की बच्ची से रेप पर तेजस्वी का प्रहार, कहा 'विपक्ष को कोसना छोड़ो अपराधियों को रोको'
बिहार में कानून का राज या अपराधियों का तांडव? गोपालगंज में मासूम से दरिंदगी पर भड़के तेजस्वी यादव। कहा— एनडीए राज में बेटियाँ असुरक्षित, राज्य में पैदा हुई "आपातकालीन परिस्थिति।
Patna - बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला है। गोपालगंज में महज डेढ़ साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान एनडीए सरकार में बिहार की बच्चियां पूरी तरह असुरक्षित हैं। तेजस्वी ने राज्य की वर्तमान स्थिति को "आपातकालीन परिस्थिति" करार दिया है।
सत्ता संरक्षित अपराधियों का मनोबल बढ़ा
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में प्रतिदिन होने वाली आपराधिक घटनाएं अब असहनीय और डरावनी हो गई हैं। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि सत्ता के संरक्षण में पल रहे अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। यह स्थिति न केवल पीड़ादायक है, बल्कि आम नागरिकों में सिहरन पैदा करने वाली है।
विपक्ष को छोड़ जनहित पर ध्यान दे सरकार
“गोपालगंज में अब फिर डेढ़ साल की बच्ची से रेप”
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) January 27, 2026
NDA राज में बिहार की बच्चियाँ एकदम असुरक्षित है। समूचे बिहार के लिए ये “आपातकालीन परिस्थिति” है। सत्ता संरक्षित प्रतिदिन होने वाली ये आपराधिक घटनाएं असहनीय, पीड़ादायक, डरावनी और सिहरन पैदा करने वाली है।
मशीन और मशीनरी के दम पर जीती…
नेता प्रतिपक्ष ने एनडीए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार केवल "मशीन और मशीनरी" (वोट प्रबंधन) के दम पर जीत के नशे में चूर है। उन्होंने मंत्रियों और नेताओं को नसीहत दी कि वे विपक्ष पर फिजूल की बयानबाजी करने के बजाय अपनी बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य और लचर कानून-व्यवस्था में सुधार पर ध्यान दें।
कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है
अपने बयान के जरिए तेजस्वी यादव ने संदेश दिया कि सरकार को अब जागना होगा। उन्होंने हालिया घटनाओं (मधेपुरा, खगड़िया और पटना की घटनाओं समेत) का हवाला देते हुए कहा कि बिहार की विधि-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और मुख्यमंत्री की चुप्पी अपराधियों को शह देने के समान है।
"करो अपराधी दानवों का संहार"
बयान के अंत में तेजस्वी यादव ने एक भावनात्मक और चेतावनी भरी अपील करते हुए कहा:
"संभलो तंत्र से जीती सरकार, करो अपराधी दानवों का संहार, बचाओ बेटियों की जान।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।