Tej pratap Yadav: तेजस्वी तेजप्रताप के बीच खटास की पिघलने लगी बर्फ! भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाया, मकर संक्रांति से पहले राबड़ी आवास पहुंचे लालू के बड़े लाल, दही-चूड़ा भोज का दिया निमंत्रण

Tej pratap Yadav: ष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव का लालू आवास पहुंचना सिर्फ एक पारिवारिक मुलाकात नहीं, बल्कि सियासी इशारों से भरा क़दम माना जा रहा है। ...

Thaw Between Tejashwi Tej Pratap Before Makar Sankranti
तेजस्वी तेजप्रताप के बीच खटास की पिघलने लगी बर्फ!- फोटो : X

Tej pratap Yadav: मकर संक्रांति से पहले बिहार की सियासत में एक बार फिर लालू परिवार के इर्द-गिर्द गहमागहमी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव का लालू आवास पहुंचना सिर्फ एक पारिवारिक मुलाकात नहीं, बल्कि सियासी इशारों से भरा क़दम माना जा रहा है। तेज प्रताप ने पूरे परिवार से मिलकर 14 जनवरी को होने वाले अपने “ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज” का न्योता दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है।

लालू आवास पहुंचते ही तेज प्रताप यादव ने सबसे पहले अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। आदर, एहतराम और अपनत्व के साथ उन्होंने पिता से आग्रह किया कि वे मकर संक्रांति के दिन उनके आवास पर जरूर पधारें। इसके बाद उन्होंने अपनी मां राबड़ी देवी से भी मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और उन्हें भी दही-चूड़ा भोज में शामिल होने का आमंत्रण दिया। इस कड़ी में नेता प्रतिपक्ष और छोटे भाई तेजस्वी यादव को न्योता देना सियासी तौर पर सबसे अहम माना जा रहा है।

तेज प्रताप यादव ने X पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने पिता, माता और छोटे भाई से मिलकर आशीर्वाद प्राप्त किया और मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज के लिए निमंत्रण पत्र दिया। साथ ही उन्होंने अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने के पल को भी साझा किया, जिसे सियासी तल्ख़ियों के बीच नरमी और मेल-मिलाप का पैग़ाम माना जा रहा है।

 कुछ दिन पहले दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में तेज प्रताप और तेजस्वी यादव आमने-सामने आए थे, जहां दोनों भाइयों के बीच दूरी साफ़ झलक रही थी। इसके बाद रिश्तों में तल्ख़ी और पार्टी के अंदरखाने खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई थीं। करीब सात महीने बाद दोनों भाइयों की यह मुलाकात इसलिए भी खास मानी जा रही है।

उधर, तेज प्रताप यादव हाल ही में विजय सिन्हा के यहां दही-चूड़ा भोज में भी शिरकत कर चुके हैं। एनडीए में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि “वक़्त आने पर सब साफ़ हो जाएगा।” इससे पहले भी एनडीए के कई नेताओं द्वारा उन्हें ऑफर दिए जाने की बातें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में मकर संक्रांति से पहले यह दही-चूड़ा भोज सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि बिहार की सियासत में आने वाले समीकरणों का ट्रेलर माना जा रहा है।