ग्रामीण पेयजल की स्थिरता पर दिल्ली में मंथन: केंद्रीय मंत्रियों के साथ जुटे विभिन्न राज्यों के दिग्गज; बिहार के पंचायती राज मंत्री भी हुए शामिल

ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर नल का जल' योजना को दीर्घकालिक रूप से स्थायी बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 'मंत्री स्तरीय नीति संवाद' का आयोजन किया गया। जिसमें बिहार के PHED और पंचायती राज मंत्री भी शामिल हुए।

ग्रामीण पेयजल की स्थिरता पर दिल्ली में मंथन: केंद्रीय मंत्रि

Patna - : देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर नल का जल' योजना को दीर्घकालिक रूप से स्थायी बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 'मंत्री स्तरीय नीति संवाद' का आयोजन किया गया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल और केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) के नेतृत्व में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में ग्रामीण पेयजल सेवाओं की निरंतरता (Sustainability) पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस महत्वपूर्ण मंच पर बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने भी हिस्सा लिया और राज्य के अनुभवों को साझा किया। 

ग्रामीण जलापूर्ति की 'Sustainability' पर केंद्रित संवाद

जल जीवन मिशन के तहत अब ध्यान केवल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर नहीं, बल्कि उसकी दीर्घकालिक स्थिरता पर केंद्रित है। बैठक में केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने जोर दिया कि जल आपूर्ति प्रणालियों के रख-रखाव के लिए ग्रामीण स्तर पर प्रबंधन को और मजबूत करना होगा। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) द्वारा आयोजित इस संवाद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पाइप के माध्यम से मिलने वाला पानी आने वाले दशकों तक निर्बाध रूप से चालू रहे। 

कर्नाटक, गुजरात और तेलंगाना के 'सफल मॉडल' पर चर्चा

नीति संवाद के दौरान कर्नाटक, गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों ने अपने यहाँ लागू किए गए सफल मॉडलों का प्रदर्शन किया। इन राज्यों ने दिखाया कि कैसे स्थानीय समुदायों की भागीदारी और 'डिजिटल इनेबलमेंट' (IoT आधारित निगरानी) के माध्यम से जल की बर्बादी को रोका जा सकता है और लीकेज जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सकता है। इन मॉडलों को भविष्य के रोडमैप के रूप में सराहा गया। 

बिहार के अनुभवों को मंत्री दीपक प्रकाश ने किया साझा

बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने इस बैठक में राज्य के अनुभवों को साझा करते हुए इसे एक 'समृद्ध अनुभव' बताया। उन्होंने कहा कि 'जन भागीदारी' और 'डिजिटल उपकरणों' के माध्यम से ही हर ग्रामीण घर तक स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने इस गरिमामयी मंच पर आमंत्रण और आतिथ्य के लिए विभाग के प्रति आभार भी व्यक्त किया। 

पंचायती राज और जल शक्ति मंत्रालय का समन्वय

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने इस दौरान पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब तक ग्राम पंचायतें और जल एवं स्वच्छता समितियां पूरी तरह से सशक्त नहीं होंगी, तब तक योजनाओं का रखरखाव चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। बैठक में यह तय किया गया कि तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर पंचायतों को और अधिक वित्तीय अधिकार और प्रशिक्षण दिया जाएगा।