मदर्स डे विशेष: 'माँ' सिर्फ शब्द नहीं, पूरा संसार है, त्याग और ममता की मूरत को दुनिया कर रही सलाम
मदर्स डे विशेष: मदर्स डे सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि माँ के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है। आज के दिन हर बच्चे का यह फर्ज बनता है कि वह अपनी माँ को खास महसूस कराए....पढ़िए आगे
PATNA : माँ… सिर्फ एक शब्द नहीं, पूरा संसार है. पूरे जहान में सबसे प्यारा रिश्ता है माँ का, ममता और त्याग से सजा है हर माँ का आँचल। आज पूरी दुनिया में मातृत्व दिवस यानी मदर्स डे मनाया जा रहा है। हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाने वाला यह खास दिन इस वर्ष 10 मई को पड़ा है। यह दिन उन सभी माँओं को समर्पित है, जिन्होंने अपने प्रेम, त्याग, समर्पण और संघर्ष से अपने परिवार और बच्चों की जिंदगी को संवार दिया।

माँ… एक ऐसा शब्द, जिसमें पूरी दुनिया की ममता समाई होती है।
माँ खुद तकलीफ़ में रहकर भी अपने बच्चों की मुस्कान की वजह बनती है। बच्चे के इस दुनिया में आने से लेकर उसके बड़े होने तक, हर कदम पर माँ उसका सहारा बनकर खड़ी रहती है। वह सिर्फ खाना नहीं बनाती, बल्कि पूरे परिवार को प्यार के धागे में बाँधकर रखती है। बच्चों को संस्कार देना, उनकी पढ़ाई, उनकी खुशी, उनका दर्द माँ हर जिम्मेदारी को बिना किसी शिकायत के निभाती है। मदर्स डे सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि माँ के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है। आज के दिन हर बच्चे का यह फर्ज बनता है कि वह अपनी माँ को खास महसूस कराए। कोई उन्हें गिफ्ट दे, कोई घुमाने ले जाए, कोई उनके लिए अपने हाथों से खाना बनाए, तो कोई दूर रहकर वीडियो कॉल के जरिए अपने प्यार का एहसास दिलाए। क्योंकि माँ को सबसे ज्यादा खुशी अपने बच्चों के प्यार और अपनापन से मिलती है। इस खास मौके पर कई महिलाओं ने अपनी भावनाएँ साझा कीं।

कुमारी पदमा ने कहा
मेरे लिए माँ भगवान का दूसरा रूप हैं। उनकी गोद में जो सुकून मिलता है, वो दुनिया में कहीं नहीं। माँ के हाथ की दाल-भात और आलू का चोखा आज भी दिल और ज़ुबान दोनों में बसा है। वहीँ रीना कुमारी ने कहा की माँ ने हमें चलना सिखाया, लड़ना सिखाया और बिना बोले हमारी हर ज़रूरत समझी। आज भी जब थककर घर आती हूँ तो माँ के हाथ की एक कप चाय सारी थकान मिटा देती है।


सीमा प्रीति पाठक ने भावुक होकर कहा—“अब जब मैं खुद माँ बनी हूँ, तब समझ आता है कि माँ कितना सहती है। सच कहूँ तो माँ के बिना घर, घर नहीं लगता।” पूनम कुमारी ने कहा की “मदर्स डे एक ऐसा दिन है जब हम अपनी माँ के निस्वार्थ प्रेम, समर्पण और त्याग को सलाम करते हैं। माँ वो एहसास है, जिसमें पूरी दुनिया की ममता बसती है।”

माँ का प्यार
माँ का प्यार कभी शब्दों में नहीं समेटा जा सकता। वो हमारे जीवन की पहली गुरु, पहली दोस्त और सबसे बड़ी ताकत होती हैं। इस मदर्स डे पर बस इतना जरूर कहिए माँ, आप हैं… तभी हमारी दुनिया खूबसूरत है।


वंदना की रिपोर्ट