TRE-4 आंदोलन में उबाल,छात्र आज CM हाउस का करेंगे घेराव

Bihar News: पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन अब और उग्र होने के आसार हैं। ...

TRE-4 आंदोलन में उबाल,छात्र आज CM हाउस का करेंगे घेराव
छात्र आज CM हाउस का करेंगे घेराव - फोटो : reporter

Bihar News: पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन अब और उग्र होने के आसार हैं। TRE-4 की आगामी परीक्षा और BPSC के परीक्षा पैटर्न को लेकर पहले से नाराज अभ्यर्थियों का गुस्सा एक विवादित टिप्पणी के बाद और भड़क गया है। छात्रों ने अब मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान कर दिया है। प्रस्तावित मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर राजधानी के कई प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने वाला है।

ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन के अमन गुट की ओर से इस मार्च का नेतृत्व किए जाने की बात कही गई है। हालांकि छात्र नेता दिलीप कुमार ने मार्च से दूरी बनाई है। छात्रों ने AISA को भी इस कार्यक्रम से अलग रखा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक मार्च सुबह करीब 11 बजे गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से निकलेगा। इसके बाद जेपी गोलंबर, डाकबंगला, तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर, बिहार म्यूजियम और बेली रोड होते हुए लोक सेवक आवास यानी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की योजना है।

TRE-4 के पैटर्न को लेकर भी घमासान

इधर TRE-4 की PT परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने BPSC को पत्र भेजा है। विभाग ने परीक्षा के सिलेबस और पैटर्न में बदलाव पर विचार करने का प्रस्ताव रखा है। शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने BPSC अध्यक्ष से परीक्षा पैटर्न में संभावित बदलाव पर विचार करने का अनुरोध किया है। इस मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों के बीच पहले से ही बेचैनी का माहौल बना हुआ है।इसी बीच गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से जुड़े सवालों पर BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह की कथित टिप्पणी ने विवाद को और हवा दे दी। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा, “हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार।”बयान सामने आते ही छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। प्रदर्शन स्थल पर BPSC के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। छात्रों ने अधिकारी की टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए माफी की मांग की और चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन BPSC कार्यालय के गेट तक पहुंचाया जाएगा।

वीडियो जारी कर मांगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद BPSC एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने वीडियो जारी कर माफी मांग ली। लेकिन छात्रों का आक्रोश इससे पूरी तरह शांत नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभ्यर्थियों के प्रति इस तरह की भाषा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर रूप ले लिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इससे छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार की ओर से सख्त संदेश जाने की कोशिश मानी जा रही है।अब निगाहें छात्रों के प्रस्तावित मार्च और सरकार की अगली रणनीति पर टिकी हैं। एक तरफ TRE-4 के परीक्षा पैटर्न को लेकर सवाल हैं, तो दूसरी तरफ BPSC अधिकारी की टिप्पणी ने आंदोलन को नया मुद्दा दे दिया है। ऐसे में राजधानी पटना में छात्र आंदोलन का अगला रुख प्रशासन और सरकार, दोनों के लिए अहम होने वाला है।