बेटे को मंत्री बनाने के बाद 'बगावत' पर बड़ा एक्शन, उपेंद्र कुशवाहा ने भंग की रालोमो की पूरी टीम, इन 5 नेताओं को सौंपी कमान
Patna : बेटे को मंत्री बनाने के फैसले के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में मचे घमासान के बीच पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को एक बेहद सख्त और बड़ा फैसला लिया है। पार्टी के भीतर उठ रहे विरोध के सुर और वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफे के बाद कुशवाहा ने 'डैमेज कंट्रोल' करते हुए तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्रदेश इकाई समेत सभी प्रकोष्ठों और जिला इकाइयों को भंग कर दिया है ।
कोर कमेटी की बैठक में 'सर्जिकल स्ट्राइक'
रविवार, 30 नवंबर को पटना में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में यह कड़ा निर्णय लिया गया । इस बैठक की अध्यक्षता खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने की । पार्टी में अनुशासन बनाए रखने और संगठन को नए सिरे से खड़ा करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की ।

बेटे की ताजपोशी से नाराज थे पुराने साथी!
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने बेटे को मंत्री बनाए जाने के बाद से ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में भारी नाराजगी थी। दबी जुबान में विरोध के सुर उठ रहे थे, जो धीरे-धीरे बगावत में बदलने लगे थे। खबर है कि इस फैसले से नाराज होकर पार्टी के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता जैसे अहम पदों पर बैठे नेता पहले ही किनारा कर चुके थे। माना जा रहा है कि असंतोष की इसी आग को ठंडा करने और संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कुशवाहा ने पूरी टीम को ही भंग कर दिया है।
अब 5 लोगों की टीम चलाएगी पार्टी
पुराने ढांचे को ध्वस्त करने के बाद, उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के संचालन के लिए एक अस्थायी व्यवस्था की है। पार्टी को चलाने के लिए तत्काल प्रभाव से पांच सदस्यीय 'संचालन समिति' (Steering Committee) का गठन किया गया है । मदन चौधरी को इस समिति का संयोजक बनाया गया है । समिति के अन्य सदस्यों में सुभाष चंद्रवंशी, प्रशांत पंकज, हिमांशु पटेल और आर. के. सिन्हा शामिल हैं ।
बैठक में मौजूद रहे ये दिग्गज
फैसले के वक्त बैठक में विधायक माधव आनंद, आलोक सिंह, रामपुकार सिन्हा, जंगबहादुर सिंह, अंगद कुशवाहा, ठाकुर धर्मेन्द्र सिंह, ब्रजेन्द्र पप्पू, चन्दन बागची, सुकुल राम और स्मृति कुमुद जैसे नेता मुख्य रूप से मौजूद थे । अब देखना होगा कि इस 'बड़ी सर्जरी' के बाद उपेंद्र कुशवाहा पार्टी में उठ रही बगावत को शांत कर पाते हैं या नहीं।
Report - narrottam kumar