Waqf Amendment Bill : वक्फ संशोधन विधेयक से बिहार के मुसलमान होंगे मालामाल ! नीतीश कुमार की जदयू का समर्थन बड़ी रणनीति
Waqf Amendment Bill : बिहार में सत्तारूढ़ नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू ने वक्फ विधेयक का समर्थन किया है. माना जा रहा है कि इससे बिहार में मुसलमानों के एक बड़े वर्ग को बड़ा फायदा होगा. इसी रणनीति के तहत जदयू ने इस विधेयक का समर्थन करने का फैसला लिया

Waqf Amendment Bill : वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार को लोकसभा में पेश किया गया. इस विधेयक को बिहार में सत्तारूढ़ जदयू का समर्थन प्राप्त है. बिहार की सियासत में मुसलमानों की बेहद अहमियत रही है. ऐसे में इस वक्फ संशोधन विधेयक से बिहार के मुसलमानों के मालामाल होने की बातें भी कही जा रही है. इससे एक और वक्फ से जुड़े विवादों को दूर करने की कोशिश साकार होगी तो दूसरी ओर यह मुसलमानों के एक बड़े वर्ग को कई प्रकार के नए अधिकार देगा जिससे वे वर्ग अब तक वंचित बताये जाते हैं.
पसमांदा को बड़ा फायदा
विधेयक का एक बड़ा फायदा पसमांदा (पिछड़े) मुस्लिमों के लिए बताया जा रहा है. बिहार में भी इस वर्ग से आने वाले मुस्लिमों की बड़ी संख्या है. दरअसल, पसमांदा (पिछड़े) मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करने वाला यह संगठन वक्फ बिल के पक्ष में है. सितंबर 2024 में JPC की बैठक में इसने बिल को 85% मुस्लिमों के लिए फायदेमंद बताया. इस संगठन का कहना है कि यह बिल वक्फ बोर्ड में सुधार लाकर हाशिए पर पड़े मुस्लिमों को लाभ पहुंचाएगा.
पसमांदा समाज का कहना है कि इस संशोधन से वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वाले अशराफ (अगड़ी) मुसलमानों की नींव हिलने लगी है, इसलिए वे इसका विरोध कर रहे हैं और मुस्लिम समुदाय का विरोध कर रहे हैं. पसमांदा मुस्लिमों का कहना है कि इस बिल के पास होने से गरीब मुसलमानों के जीवन में सुधार आएगा.ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज हनीफ ने कहा था कि मुसलमानों का ठेका ओवैसी और मदनी जैसे लोगों को किसने दिया है. मुस्लिम समुदाय इस संशोधन के साथ है. इस संगठन से जुड़े एक और नेता आतिफ रशीद ने कहा था कि वक्फ बोर्ड की स्थापना गरीबों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए की गई थी. लेकिन हो इसके उलट रहा है.
महिलाओं को हक-अधिकार
मुस्लिम महिलाओं के बौद्धिक समूह ने वक्फ बिल का सपोर्ट किया है. नवंबर 2024 में JPC की बैठक में शालिनी अली के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिल का समर्थन किया. उन्होंने तर्क दिया कि यह वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता लाएगा और महिलाओं, अनाथों, विधवाओं जैसे कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए काम करेगा.इस समूह ने प्रस्तावित संशोधनों का स्वागत किया लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ये केवल कागज पर लिखे शब्दों से कहीं अधिक होने चाहिए.
वहीं बरेली के एक मौलाना ने वक्फ बिल के समर्थन में बयान दिया है. मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने बयान दिया इन्होंने अपना समर्थन दिया और कहा कि यह बिल फायदेमंद साबित होगा क्योंकि अभी तक वक्फ बोर्ड और माफिया मिलकर देश की कीमती जमीनों पर कब्जा कर लेते थे. उस पर शॉपिंग मॉल बना लेते थे लेकिन इस बिल के पास होते ही यह सब बंद हो जाएगा. इस संपत्ति से होने वाली आय मुसलमान के हित में खर्च की जाएगी. किसी भी दरगाह मस्जिद, मदरसा पर कोई दखल नहीं है.
बिहार में मुसलमान
बिहार सरकार ने जातिगत सर्वे के आंकड़े अक्तूबर 2023 में जारी किए थे. सर्वे के मुताबिक़ बिहार की कुल आबादी 13 करोड़ है. इसमें 81.99 फ़ीसदी हिंदू और 17.70 फ़ीसदी मुसलमान हैं. कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और दरभंगा पांच ऐसे जिले हैं जो सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाले जिले हैं.