Bihar Politics: अब वक्फ बिल पर असली खेल होगा बिहार में, नीतीश कुमार करेंगे फिर खेल ! बीजेपी को फायदा होगा या नुकसान...जानिए
Bihar Politics: एनडीए में शामिल तमाम घटक दलों ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन दिया है। इससे बिहार में बीजेपी को फायदा होगा या नुकसान आइए जानते हैं....

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव होने में अब कुछ ही समय बचा है। ऐसे में पार्टियों के द्वारा वोटरों को लुभाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इसी बीच वक्फ बोर्ड को लेकर भी देशभर में सियासत जारी है। बीते दिन लोकसभा में 12 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पर मुहर लग गई। वहीं आज राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। लोकसभा में विधेयक के पक्ष में 288 वोट तो विपक्ष में 232 वोट पड़े। रात में करीब 1 बजे यह बिल पास हुआ। बता दें कि बीते दिन का सत्र ऐतिहासिक रहा। सत्र आधी रात को 1 बजे तक चला। वक्फ बिल के पास होने से बिहार की सियासत और गरमा गई है। क्योंकि बिहार के बड़ी पार्टियों ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है ऐसे में माना जा रहा है कि इन पार्टियों को इसका हर्जाना भी इसी साल के बिहार विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है। लेकिन राजनीतिक जानकारों की मानें तो एनडीए वक्फ बिल को लेकर बिहार में सियासी खेल खेल रही है। आइए जानते हैं कि इस बिल के पास होने से बीजेपी को बिहार में फायदा होगा या नुकसान...।
संसद में पास हुआ वक्फ संशोधन बिल
दरअसल, संसद में बीते दिन वक्फ संशोधन बिल को लेकर मैराथन चर्चा हुई। जदयू एमएलसी ने इसी बीच बयान दिया कि जदयू वक्फ संसोधन बिल के समर्थन में नहीं है। उन्होंने पीएम मोदी से इस बिल को वापस लेने की भी अपील की। जदयू एमएलसी से दावा किया कि वक्फ संशोधन बिल में कई त्रुटियां हैं। वहीं गुलाम गौस के बयान को निजी बयान दर्शाते हुए सीएम नीतीश ने बिल के समर्थन में पत्र जारी कर दिया। इसके साथ ही लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इस विधयेक को समर्थन दिया। ऐसे में विपक्ष को बड़ा झटका लगा।
बिहार एनडीए का समर्थन, विपक्ष को बड़ा झटका
दरअसल, वक्फ संशोधन बिल को लेकर भाजपा ने अपने गठबंधन सहयोगियों के समर्थन पर भरोसा किया। हालांकि टीडीपी और जदयू के रुख को लेकर कुछ संशय था, लेकिन बिहार एनडीए ने एकजुट होकर समर्थन दिया। जदयू, लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) ने न केवल सरकार के फैसले का समर्थन किया, बल्कि व्हिप जारी कर अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश भी दिया। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने तो ये भी कह दिया कि इस बिल के पास होने के बाद खुद मुसलमान भी कहेंगे कि मोदी है तो मुमकिन है। केंद्रीय मंत्री का यह बयान महागठबंधन के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
83 प्रतिशत आबादी पर बीजेपी की नजर
सूत्रों की मानें तो बिहार में एनडीए 17 प्रतिशत के आबादी को ध्यान में ना रखकर 83 प्रतिशत वोटों पर जोड़ दे रही है। एनडीए बिहार में उत्तर प्रदेश के तर्ज पर चुनावी मैदान तैयार करने में जुटी हुई है। यूपी में भाजपा ने हिंदुत्व की विचारधारा के साथ पिछड़ा-अतिपिछड़ा और दलित समुदायों की भागीदारी राजनीतिक में सुनिश्चित की इससे बीजेपी का जनाधार भी मजबूत हुआ। वहीं अब बिहार में भी बीजेपी इसी तर्ज पर चुनावी मैदान में उतर सकती है। बीजेपी बिहार में सबका साथ और सबका विकास के नारे के साथ विधानसभा चुनाव में उतर रही है। इस नारे से सवर्ण और वैश्य समाज के साथ-साथ अतिपिछड़ा और पिछड़ा समाज को साधने की रणनीति अपनाई।
राजद को उपचुनाव में झटका
गौरतलब हो कि, हाल के उपचुनावों में राजद को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। रामगढ़ सीट से प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे और बेलागंज से सुरेंद्र यादव के बेटे को हार का सामना करना पड़ा। यह दर्शाता है कि बिहार की राजनीति में बदलाव हो रहा है और एनडीए मजबूत स्थिति में है। वक्फ संशोधन विधेयक पर बिहार एनडीए की एकजुटता ने महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि विपक्ष इस सियासी चुनौती का जवाब कैसे देता है।