IAS Kumar Ravi: कौन हैं IAS कुमार रवि, जिनकी तुलना महाराष्ट्र के चर्चित IAS तुकाराम मुंडे से हो रही है?
IAS Kumar Ravi: बिहार में IAS कुमार रवि के नेतृत्व में तीन महीने में 531 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हुई। ब्लिंकिट, होटल और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई के साथ 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियोजन शुरू किया गया।
IAS Kumar Ravi: बिहार में अगर आप पिछले 3 महीने से बाजार, होटल, मिठाई दुकान या ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टोर पर नजर रख रहे हैं, तो एक नाम बार-बार सुनाई दे रहा है IAS कुमार रवि । बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सह फूड सेफ्टी कमिश्नर के तौर पर उन्होंने राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर ऐसा अभियान छेड़ा है, जिसकी गूंज अब महाराष्ट्र तक सुनाई दे रही है।
क्या कर रहे हैं IAS कुमार रवि?
बिहार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने फूड एडल्ट्रेशन (मिलावट), एक्सपायर्ड प्रोडक्ट, गंदे और बिना लाइसेंस वाले रेस्टोरेंट और फूड स्टोरेज में गड़बड़ी के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की है। फूड सेफ्टी को लेकर जो ताबड़तोड़ कार्रवाई चल रही है, उसके केंद्र में हैं बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सह फूड सेफ्टी कमिश्नर IAS कुमार रवि। उनके नेतृत्व में पिछले तीन महीनों में राज्य के 38 जिलों में 531 निरीक्षण किए गए हैं। जिसमें Blinkit से लेकर फाइव स्टार होटल तक पर शिकंजा कसा गया है। सैकड़ों सैंपल लैब में भेजे गए कई होटल-रेस्टोरेंट को नोटिस तो कई जगह FIR दर्ज किए गए हैं।
इस अभियान का सबसे चर्चित मामला Blinkit के एक स्टोर पर एक्सपायर्ड दूध मिलने का है। इसके अलावा पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर सहित कई जिलों के बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में दूषित खाने, खराब तेल और बिना एक्सपायरी डेट वाले सामान के सैंपल मिले हैं। विभाग ने साफ कहा है - जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महाराष्ट्र के IAS तुकाराम मुंडे से तुलना क्यों?
IAS तुकाराम मुंडे को देश का सबसे ईमानदार और सख्त अफसर कहा जाता है। जब वे महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर थे, तो उन्होंने बड़े-बड़े ब्रांड्स और होटलों पर भी बिना डरे कार्रवाई की थी। उनकी कार्यशैली थी - नो कंप्रोमाइज ऑन पब्लिक हेल्थ ठीक वही तेवर अब बिहार में IAS कुमार रवि में दिख रहा है। लगातार फील्ड में रहना, खुद टीम को लीड करना, छोटे-बड़े में फर्क न करना और रोजाना रिपोर्ट लेना। इसी वजह से सोशल मीडिया और ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में दोनों की तुलना हो रही है। लोग कह रहे हैं बिहार को अपना तुकाराम मुंडे मिल गया है।"
कौन हैं IAS कुमार रवि?
कुमार रवि बिहार कैडर के तेज-तर्रार IAS अफसरों में गिने जाते हैं। अपनी ईमानदार छवि और ग्राउंड लेवल पर काम करने के लिए जाने जाते हैं। फूड सेफ्टी कमिश्नर बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले विभाग के पुराने सिस्टम को बदला, इंस्पेक्शन को ऑनलाइन किया और हर जिले में टारगेट फिक्स किया। जिससे बिहार में लगातार छापेमारी चल रही है । विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही सख्ती जारी रही तो बिहार में मिलावटी और एक्सपायर्ड खाने के कारोबार पर बड़ी लगाम लगेगी। फिलहाल, इतना तय है कि बिहार के रसोई और थाली की लड़ाई अब सीधे सचिवालय से लड़ी जा रही है और इस लड़ाई के सारथी हैं बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और IAS कुमार रवि। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को जानने वाले बताते हैं कि मंत्री ने कहा है कि बिहार में मिलावटी खाने से किसी की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा, चाहे ब्रांड कितना भी बड़ा क्यों न हो। मंत्री का साथ मिलने पर IAS कुमार रवि की टीम ने पूरे राज्य में एक्शन तेज कर दिया है।
पटना से पुष्कर की रिपोर्ट